जानिए क्या होती है वो ओवरवेट लैंडिंग, जिससे कैप्टन मोनिका खन्ना ने बचायीं सैकड़ों जानें

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स्पाइसजेट की फ्लाइट के एक इंजन में आग लगने की घटना को आपने अपनी आंखों से भी देखा होगा। जिस तरह से स्पाइसजेट की फ्लाइट के एक इंजन में आग लगी उससे एक ऐसा हादसा हो सकता था जो काफी भयावह होता। लेकिन पायलट मोनिका खन्ना की समझदारी और धैर्य से लिए गए फैसले ने 185 यात्रियों की जान बचा ली। मोनिका खन्ना ने पटना एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-723 की ओवरवेट लैंडिंग कराई। आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये ओवरवेट लैंडिंग होती क्या है। तो जानिए यहां…
क्या होती है ओवरवेट लैंडिंग
ओवरवेट लैंडिंग को आप एक तरीका या फिर एक विशेष पैटर्न दोनों ही रूप में परिभाषित कर सकते हैं। आइए आपको सिर्फ एक पॉइंट में समझाते हैं कि आखिर एक हवाई जहाज की ओवरवेट लैंडिंग होती क्या है…
जैसा कि नाम से स्पष्ट है कि ओवरवेट लैंडिंग यानि तय वजन से ज्यादा वजन की लैंडिंग- यूं समझिए कि जब कोई हवाई जहाज एयरपोर्ट से टेकऑफ करता है कि तो उसके फ्यूल टैंक में काफी ईंधन यानि वजन होता है। लेकिन अपनी तय जगह पर पहुंचने के दौरान वो ईंधन खत्म होता है और लैंडिंग के वक्त फ्लाइट का वजह टेक ऑफ के मुकाबले कम हो जाता है।
इसे कहते हैं ओवरवेट लैंडिंग
ऐसे में अगर फ्लाइट उड़ती है और फौरन ही उसे टेक ऑफ वाली जगह पर लौटाकर लैंड कराना होता है (जैसा कि रविवार को पटना में स्पाइस जेट की फ्लाइट के साथ हुआ) तो जहाज का वजन करीब-करीब टेकऑफ के वक्त जितना ही होता है। ऐसे में पायलट को ये तय करना होता है कि फ्यूल को किसी तरीके से कम करके जहाज का वजन कम करके लैंड कराया जाए, या फिर उसी वजन के साथ। क्योंकि ज्यादा वजन के जहाज को टेकऑफ कराना आसान होता है लेकिन लैंडिंग कराना थोड़ा मुश्किल। इसी को ओवर वेट लैंडिंग कहते हैं।
बर्ड हिट में क्या होता है, सिर्फ एक पक्षी कितना खतरनाक
कई बार आपके दिमाग में ये सवाल आता होगा कि सिर्फ एक पक्षी इतना खतरनाक हो सकता है क्या जो प्लेन को खतरे में डाल दे? जवाब है बिल्कुल, स्पाइसजेट के जहाज से भी रविवार को पटना में एक पक्षी के टकराने का शक है, और माना जा रहा है कि पक्षी एक तरफ के इंजन में अंदर आ गया जिसकी वजह से वहां आग लग गई। हालांकि कई बार बर्ड हिट से प्लेन को काफी नुकसान नहीं भी होता है।

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