भवानीपुर कॉलेज की लाइब्रेरी में गालिब के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा

0
53

कोलकाता । भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज और भारतीय भाषा परिषद के साथ मिलकर कॉलेज की लाइब्रेरी में आयोजित ‘पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन हैं ‘कार्यक्रम में उर्दू के प्रसिद्ध शायर गालिब के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा की गई। अतिथि वक्ता नाटककार, लेखक और कलाकार पलाश चतुर्वेदी ने गालिब के विभिन्न तेवरों वाली शायरी के विषय में विस्तार से जानकारी प्रदान की। साथ ही गालिब के रहस्यवाद और अद्वैतवाद से पूर्ण संबधित शायरी की चर्चा की । दो सौ साल पुराने वली शायर गालिब अभी भी बहुत से प्रश्नों को हल करने के लिए काफ़ी हैं। गालिब ने जाति – पांति, ईश्वर,दर्शन, मद्यप माशूक आदि को नए आयाम दिए हैं। वे विरोधों को हंस हंस कर सहते रहे कोई उन्हें मुश्किल पसंद कोई मोह- मल- गो तो किसी ने सिरे से सौदाई ही कह डाला। गालिब नौ वर्ष की अवस्था से असद के नाम से लिखते थे बाद में तेरह वर्ष की उम्र से गालिब नाम से लिखने लगे।गजल की तंग गली गालिब को शेर कहने के शौक के अनुकूल सामर्थ्य नहीं रखती उनके बयान के लिए विशाल क्षेत्र की आवश्यकता है।
गालिब अपनी प्रशंसा नहीं करते हैं बल्कि वे कविता के मर्मज्ञ हैं वे कहते हैं ‘हम सुखन फ़हम हैं गालिब के तलबगार नहीं।’
भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज और भारतीय भाषा परिषद के तत्वावधान में ‘ पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है’/ ‘कोई बतलाओ कि हम बताएंँ क्या ‘विषय पर भवानीपुर कॉलेज की लाइब्रेरी में हुए इस कार्यक्रम में पचास से अधिक विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस इस अवसर पर अंजली अग्रवाल, उज्जवल करमचंदानी, मोहम्मद शक्र हुसैन, आयुष कुमार लोधा, प्रत्युष तिवारी, निर्जरा जैन, मुरली मनोहर सोनी, रितिका भुक्ता, दीपक अग्रवाल, और कार्यक्रम प्रतिनिधि फ़ज़ल करीम, नम्रता चौधरी ने गालिब की शायरी और अपनी कविताएँ सुनाई। डीन प्रो दिलीप शाह ने सभी विद्यार्थियों और शिक्षक गणों का स्वागत करते हुए गालिब की शायरी ‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले’ गा कर सुनाया । डॉ वसुंधरा मिश्र ने हमने दुनिया में आके क्या देखा जो भी देखा एक ख्वाब सा देखा ‘गजल सुनाई। कार्यक्रम का संचालन किया । प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी, प्रो दिव्या उदेशी और प्रो कृपा ने कार्यक्रम के आयोजन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। अतिथि वक्ता पलाश चतुर्वेदी को कॉलेज का स्मृति चिह्न प्रदान किया डॉ वसुंधरा मिश्र और डॉ केयुर मजमूदार ने ।धन्यवाद ज्ञापन दिया भारतीय भाषा परिषद के मंत्री डॉ.केयूर मजमुदार ने । कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।

Previous articleराज्य के निजी बिजनेस कॉलेजों में अव्वल रहा हेरिटेज बिजनेस स्कूल – सर्व
Next articleऑरिफ्लेम ने कोलकाता में खोला नया सर्विस सेंटर
शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

nineteen − 7 =