विद्यासागर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा प्रेमचंद जयंती

0
39

मिदनापुर। विद्यासागर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा प्रेमचंद जयंती के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किविभागाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार प्रसाद ने कहा कि प्रेमचंद समग्रता के लेखक हैं। प्रेमचंद का साहित्य हमें सही अर्थों में आदमीयत सिखाता है। उन्होंने जैसा लिखा वैसा ही जीवन जिया। उनके यहां करनी और कथनी में अंतर नहीं है। विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि प्रेमचन्द का साहित्य लघु जीवन का महाख्यान है।वे हाशिए के समाज को केंद्र में लाते हैं।वे सामाजिक और मानवीय मूल्यों को अपनी रचना का केन्द्रीय विषय बनाते हैं। डॉ. श्रीकांत द्विवेदी ने कहा कि प्रेमचंद के जीवन से हमें अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाना सीखना चाहिए। प्रेमचंद ने समाज के प्रत्येक उपेक्षित वर्ग को अपनी रचनाओं का आधार बनाया। संजीत महतो,कोमल अहिरवाल, मुस्कान परवीन,पूजा मिश्रा,एम.अश्विनी कुमारी,डी.देवी ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर नंदिनी साव ने सरस्वती वंदना गाकर कार्यक्रम की शुरुआत की, कोमल साव ने काव्य आवृत्ति, पी. बेबी, के स्वाति रेखा और अलिशा देवी ने भावनृत्य तथा रूपेश यादव, प्रियंका गोप, नीलोफर बेगम, फरहाना परवीन और ज्योति सिंह ने अपनी या गया। इस अवसर पर एम. ए. फाइनल सेमेस्टर के लिए विदाई समारोह का भी आयोजन हुआ।परिचर्चा में हिस्सा लेते हुए कविताओं का पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन मोनू यादव ने और धन्यवाद ज्ञापन तमन्ना खातून ने दिया।

Previous articleसूजी की कचौड़ी
Next articleमुफ्त की सौगातें और कल्याणकारी योजनाएं भिन्न चीजें : सुप्रीम कोर्ट
शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

3 × 4 =