अकेले खाना खाने का नया चलन, सोलो डाइनर्स के लिए जगह बना रहे रेस्त्रां मालिक

0
84

लगभग हर शहर के रेस्त्रां में बड़े समूहों के लिए बड़ी मेजें रखी जाती हैं। लेकिन कई रेस्त्रां सोलो डाइनर्स के लिए भी जगह बना रहे हैं। सोलो ट्रैवलिंग के साथ ही सोलो डाइनिंग ट्रेंड की शुरुआत भी हुई है। हालांकि सोलो डाइनिंग वे लोग भी करते हैं जो शहर में अकेले हैं, नए आए हैं। कुछ लोगों को अकेले बैठकर खाने का विचार डराता भी है। अकेले खाना खाते वक्त किन बातों का ख्याल रखना जरूरी है बता रही हैं वर्षा एम…
अपनी रिसर्च पूरी करें
आप किस रेस्त्रां में खाना खाएंगे इसकी प्लानिंग पहले से ही कर लें। यदि इस मानसिकता के साथ घूमेंगे कि जो रेस्त्रां अच्छा दिखेगा वहीं बैठ जाएंगे, तो समय ज्यादा लगेगा और थकान भी ज्यादा होगी। रेस्त्रां तलाशकर रखने से राहत मिलेगी।
शुरुआत कम से करें
अकेले खाने की शुरुआत ब्रेकफास्ट और चाय-कॉफी के साथ की जा सकती है। ब्रेकफास्ट टाइम पर आपको कई लोग अकेले मिल जाते हैं। ऐसे में आप अकेले खाने की पहली रिहर्सल कर सकते हैं। जब आसपास कई लोग अकेले बैठकर खा रहे होते हैं तो आप भी सहज महसूस करते हैं। आपका आत्मविश्वास बढ़ जाता है।
टाइमिंग का ध्यान रखें
आपको पता है कि रेस्त्रां में आपको अकेले ही खाना है तो ऐसे में पीक टाइम से पहले ही वहाँ पहुँच जाएं। भीड़ कम होने से आप आराम से बैठकर लंच या डिनर ले सकेंगे और तनाव से भी बचेंगे।
मेन्यू पहले से तय हो
रेस्त्रां में बैठने के बाद मेन्यू कार्ड लेकर अकेले बैठेंगे तो हो सकता है आप संकोच में पैनिक ऑर्डर कर दें। इससे बचने के लिए बेहतर होगा कि मेन्यू पहले तय करके ही रेस्त्रां में आएं।
ऐसे हों कपड़े
सभी की वॉर्डरोब कुछ कपड़े ऐसे होते हैं जो आपका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और आरामदायक भी होते हैं। सोलो डाइनिंग के लिए यही कपड़े पहनकर जाएं। प्रयोग करने के लिए कोई दूसरा वक्त चुनें।
कंफर्ट फूड लें
अकेले डाइन करने आएं तो ऐसे में वही मेन्यू ऑर्डर करें जिसे खाने में आप सहज रहते हैं। मेन्यू के साथ प्रयोग ना करें। सोलो डाइनिंग के लिए पिज्जा और बर्गर सबसे सुरक्षित हैं।
सोलो डाइनिंग के विकल्प
फूड टुअर
नए शहर में हैं तो फूड टुअर ट्राय कर सकते हैं। जब आप अकेले खाते हैं तो जो ऑर्डर किया है वो पसंद ना आने पर भी अकेले खाना पड़ता है। लेकिन फू़ड टुअर जॉइन कर लेते हैं तो आपको एक गाइड मिलता है जो खाने की सर्वश्रेष्ठ जगह लेकर जाता है। वहां आप अन्य ट्रेवलर्स से भी मिलते हैं। फूड टुअर में आप कई रेस्त्रां देख पाते हैं। दुनियाभर में फूड टुअर्स मिल जाते हैं। आप अपनी मनपसंद जगह चुन सकते हैं।
ग्रुप डाइनिंग
बहुत सी वेबसाइट्स भी ग्रुप डाइनिंग विकल्प देती हैं। लोकल लोग अपने घरों में खाना बनाते हैं और ट्रेवलर्स और अन्य लोकल्स को घर का खाना परोसते हैं। नई जगह पर किसी के घर में लोकल खाना खाने से बेहतर क्या हो सकता है।
कुकिंग क्लास
दिन में होने वाली गतिविधियों में कुकिंग क्लास तेजी से चलन में आ चुकी है। कई बार भारी लंच खाने के बाद आपको डिनर लेने का मन नहीं होता है। ऐसे में लोकल कुकिंग क्लास जाकर नई डिशेस सीख सकते हैं।
अन्य ट्रेवलर्स के साथ खाएं
अब होस्टल में प्राइवेट रूम लेकर रहने का चलन बढ़ रहा है। ऐसे में आप चाहें तो कुछ समय स्थानीय लोगों के बीच बात करते हुए बिता सकते हैं। एक साथ बैठकर खाना खाएंगे तो हो सकता है आपको नए दोस्त मिल जाएं। होस्टल में कई बार पिज्जा और बार्बेक्यू नाइट भी होती है।
काउचसर्फिंग कर सकते हैं
ट्रेवलर्स और स्थानीय लोगों के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जहां आप एक दूसरे की संस्कृति से वाकिफ हो सकते हैं। अक्सर होस्ट अपने ही घर पर ट्रेवलर्स के लिए रात काटने को फ्री काउच का इंतजाम कर देते हैं। किसी से मिलने से पहले आप उनके प्रोफाइल और रिव्यू भी चेक कर सकते हैं।
मीट अप
सोशलाइजिंग वेबसाइट्स अलग-अलग इवेंट्स का आयोजन करती हैं। सिनेमा नाइट से लेकर डिनर तक। इनमें से किसी भी इवेंट में शामिल होकर आप स्थानीय लोगों से मिल सकते हैं।

(साभार – दैनिक भास्कर)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

twenty − 8 =