अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद करेंगी ये सरकारी योजनाएं

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भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार यानी कंज्यूमर मार्केट है। पिछले दशक में
यहां फूड, ब्यूटी, ट्रैवल, ऑटोमोबाइल, इंटरटेनमेंट और इनोवेशन जैसे सेक्टर में बिजनेस की सफलता की लाखों कहानियां हैं, लेकिन एनएसएसओ के एक सर्वे के मुताबिक भारत में महिलाओं की बिजनेस में भागीदारी महज 8% है। आमतौर पर देश में पुरुषों को तो कारोबार करने में परिवार मदद कर देता है, लेकिन महिलाओं के साथ ऐसा कम होता है। कोविड-19 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आपदा में अवसर’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का मंत्र दिया है। ऐसे में महिलाओं के लिए अपना व्यवसाय शुरू करने का ये सही मौका है। महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने में पैसे की कमी आड़े न आए, इसलिए सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही है। हम यहां आपको ऐसी ही कुछ योजनाओं की जानकारी दी जा रही है

1. अन्नपूर्णा योजनाः फूड कैटरिंग के व्यवसाय के लिए 50 हजार का कर्ज
इस स्कीम के तहत भारत सरकार महिला उद्यमियों को फूड कैटरिंग के बिजनेस के लिए 50 हजार रुपए तक का लोन देती है। इस राशि का इस्तेमाल बर्तन खरीदने, गैस कनेक्शन लेने, फ्रिज, मिक्सर, टिफिन बॉक्स और खाने की टेबल जैसे सामान खरीदने के लिए किया जा सकता है। इस कर्ज के लिए एक गारंटर की जरूरत पड़ेगी। इस लोन को 36 महीने में वापस करना होगा। अन्नपूर्णा स्कीम के तहत लिए गए लोन पर ब्याज की दर बाजार के हिसाब से तय होगी। फिलहाल भारतीय स्टेट बैंक से इस स्कीम का फायदा लिया जा सकता है।

2. स्त्री शक्ति पैकेजः महिलाओं को कर्ज पर मिलती है छूट
ये स्कीम ऐसी महिलाओं के लिए है जो किसी व्यवसाय में 50% से ज्यादा हिस्सेदारी रखती हैं। इसके अलावा उन महिलाओं को राज्य के उद्यम विकास प्रोग्राम में रजिस्टर करना जरूरी होगा। छोटे बिजनेस के लिए इस पैकेज के जरिए 50 हजार से 2 लाख रुपए तक का लोन दिया जाता है। एमएसएमई में रजिस्टर्ड कंपनियों को 50 हजार से 25 लाख रुपए तक का लोन दिया जा सकेगा। 5 लाख रुपए तक के लिए कोई सिक्योरिटी नहीं देनी होगी। साथ ही लोन की ब्याज दर पर छूट भी दी जाएगी। स्त्री शक्ति पैकेज का लाभ लेने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से संपर्क करना होगा।

3. मुद्रा योजनाः हर तरह के उद्यम के लिए कर्ज

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना छोटे उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने शुरू की है। इस योजना के जरिए 50 हजार से 50 लाख रुपए तक का लोन किसी भी राष्ट्रीय बैंक से लिया जा सकता है। इन पैसों की मदद से महिलाएं ब्यूटी पॉर्लर, ट्यूशन सेंटर,सिलाई वगैरह के बिजनेस शुरू कर सकती हैं। 10 लाख रुपए तक के लोन के लिए कोई गारंटर या सिक्योरिटी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मुद्रा योजना में तीन तरह की योजनाएं हैं-
शिशुः नए बिजनेस के लिए 50 हजार रुपए तक का लोन दिया जाता है। इसमें 12% सालाना ब्याज लगता है। इसे 5 साल में अदा किया जा सकता है।
किशोरः इसमें पहले से चल रहे व्यवसाय को बढ़ाने के लिए 50 हजार से पांच लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है। ऋण जमा करने और ब्याज की दरें आपके क्रेडिट हिस्ट्री के हिसाब से बैंक तय करता है।
तरुणः इसमें बिजनेस बढ़ाने के लिए 5 लाख रुपए से 10 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाता है। ऋण जमा करने और ब्याज की दरें आपके क्रेडिट हिस्ट्री के हिसाब से बैंक तय करता है।
4. महिला उद्यम निधिः 10 साल के लिए 10 लाख तक का कर्ज
महिला उद्यमियों की आर्थिक मदद के लिए पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) 10 लाख रुपए तक का ऋण देते हैं। इसे 10 साल की अवधि में अदा किया जा सकता है। इसके लिए ब्याज की दरें बाजार के आधार पर तय होती हैं।
इस योजना के तहत SIDBI ब्यूटी पार्लर खोलने, डे केयर सेंटर चलाने, ऑटो रिक्शा खरीदने, बाइक और कार खरीदने के लिए अलग-अलग प्लान चलाता है। इस स्कीम की मदद से पहले से चल रहे प्रोजेक्ट को भी बढ़ाया जा सकता है।
5. महिला समृद्धि योजनाः पिछड़ी महिलाओं को उठाने का प्रयास
आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़ी महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए इस स्कीम की शुरुआत की गई है। अपना बिजनेस शुरू करने में होने वाले खर्च के लिए बैंक 60 हजार रुपए तक का लोन देता है। इसे 3 साल 6 महीने में चुकाना होता है। इसके लिए सालाना महज 4% ब्याज देना होता है।
गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन गुजार रही महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकती हैं। इसके लिए कोई गारंटर या सिक्योरिटी जमा करने की जरूरत नहीं है। इस योजना का लाभ लेने के लिए अपने नजदीकी बैंक से संपर्क करना होगा।
(साभार – दैनिक भास्कर)

 

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