आन्ध्र प्रदेश में निवेश के अवसरों पर एमसीसीआई द्वारा विशेष सत्र

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कोलकाता : मर्चेट्स चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने ” डेस्टिनेशन आंध्र प्रदेश – लैंड ऑफ ऑपरच्यूनिटीज ” पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया इस परिचर्चा में आन्ध्र प्रदेश इंडस्ट्रिल इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन (एपीआईआईसी) के प्रबन्ध निदेशक आईएएस अधिकारी जे.वे. एन. सुब्रमणियम ने आन्ध्र प्रदेश में उद्योग और निवेश के अवसरों पर प्रकाश डाला। वे राज्य के वाणिज्य और निर्यात संवर्धन आयुक्त तथा आंध्र प्रदेश आर्थिक विकास बोर्ड के सीईओ भी हैं। उनके साथ आंध्र प्रदेश आर्थिक विकास बोर्ड के कार्य़कारी उपाध्यक्ष कृष्णा जी.वी. गिरी भी थे। सत्र को सम्बोधित करते हुए जे.वी.एन सुब्रमनणियम ने निवेश गन्तव्य के रूप में आंध्र प्रदेश की खूबियाँ बतायीं। उन्होंने कहा कि राज्य में कुशल श्रम, कौशल विकास कार्यक्रम, अनुकूल औद्योगिक नीतियाँ, बाजारों से निकटता व शोध व अध्ययन की सुविधाएँ हैं। इसके साथ ही अन्य राज्यों की तुलना में 50 -60 प्रतिशत कम कीमत पर भूमि उपलब्ध है। सुब्रमणियम ने कहा कि आंध्र प्रदेश में किफायती पानी और बिजली की सुविधा भी उपलब्ध है। औद्योगीकरण और पर्यावरण और सामाजिक शासन (ईएसजी) को प्राथमिक उद्देश्यों के रूप में बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कृष्ण जी वी गिरि ने कहा कि मई 2019 से, 65 मेगा और बड़ी परियोजनाओं को 1,38,000 एमएसएमई के साथ लागू किया गया है। इसमें 34 हजार करोड़ रुपये का निवेश है और 1 लाख 30 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। स्वागत भाषण में एमसीसीआई के अध्यक्ष आकाश शाह ने कहा कि आंध्र प्रदेश पिछले एक दशक में जीएसडीपी की वृद्धि दर 11.5% दर्ज कर रहा है, पश्चिम बंगाल भी इसी अवधि के दौरान लगभग 10% की दर से बढ़ रहा है। यहां तक ​​कि कोविड के दबाव में भी, दोनों राज्य गंभीर चुनौतियों के बावजूद सकारात्मक विकास दर बनाए रखने में सफल रहे हैं। सत्र का संचालन एमसीसीआई काउंसिल ऑन लीगल अफेयर्स की अध्यक्ष ममता बिनानी ने किया। धन्यवाद एमसीसीआई के उद्योग परिषद के अध्यक्ष अनिरुद्ध झुनझुनवाला ने दिया।

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