आलोचना और सवाल उठाना भी हो गई है असहिष्णुता’

0
203

देश में पिछले दिनों असहिष्णुता के मसले पर छिड़ी बहस के बीच उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने रविवार को कहा है कि समाज में सवाल उठाना तथा आलोचना करना भी एक तरह की असहिष्णुता मान ली गई है।

स्थिति यह है कि अलग राय रखने वाले लोगों को या तो बहिष्कृत कर दिया जाता है या फिर उनकी हत्या हो जाती है। साथ ही उन्होंने अतार्किक आस्था तथा विश्वास पर भी चोट की।

एक कार्यक्रम के दौरान अंसारी ने कहा कि अवैज्ञानिक पूर्व धारणाओं पर आधारित तर्कहीन आस्था तथा विश्वास और संदिग्ध संस्थाएं अब भी कायम हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

5 × five =