आवश्यक है कोरोना के आतंक से बाहर निकलना -सुबीर दत्ता

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कोलकाता : 74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कोलकाता के खुदीराम बोस सेंट्रल कॉलेज की तरफ से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज परिसर में झंडोत्तोलन से हुआ। इसमें शिक्षक, शिक्षाकर्मी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहें। कार्यक्रम का संयोजन लाईब्रेरियन जोयिता मलिक और प्रो. ज्योति सिंह ने किया। इतिहास विभाग एवं IQAC के संयुक्त तत्वावधान में एक ई-प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। ‘भारत की स्वतंत्रता के लिए राष्ट्रीय आन्दोलन एवं संघर्ष’ विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता में कॉलेज के विद्यार्थियों सहित अन्य कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भी हिस्सा लिया। ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक रुचि उत्पन्न करने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।  50 बहुविकल्पी प्रश्नों के 60% से अधिक सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को ई-प्रमाणपत्र प्रदान किया गया तथा विजयी प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार देने की घोषणा की गयी है। इस कार्यक्रम सफल संयोजन इतिहास विभाग के शिक्षिकाओं प्रो. अनामिका नंदी, प्रो. पायल नंदी और प्रो. देबोलिना भट्टाचार्या ने किया।कोरोना संक्रमकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एनएसएस और आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में राज्य स्तर पर ‘हेल्थ इज वेल्थ, कोविड-19 के समय में समस्याएं और चुनौतियां’ विषय पर एक वेब संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वागत वक्तव्य देते हुए कॉलेज के प्राचार्य सुबीर कुमार दत्ता ने कहा कि फिलहाल पूरा भारत कोरोना के आतंक से ग्रसित है पर हमें इसके आतंक से बाहर निकलने की जरूरत है। वक्ता के तौर पर उपस्थित डॉ सोमनाथ गोराईन ने छोटे बच्चों को इस कोरोना काल में कैसे स्वस्थ रखा जाएं इस पर अपना वक्तव्य रखा। डॉ प्रीति बनर्जी चटर्जी ने कहा कि कोरोना के समय हमें मानसिक तौर पर स्वस्थ रहने की ज्यादा जरुरत है। डॉ शुभ्रा उपाध्याय ने कहा कि कोरोना एक अदृश्य शत्रु है इसलिए हमें ज्यादा सावधान और सतर्क रहने की जरुरत है। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ.श्रीपर्णा दत्ता और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. शिउली विश्वास अधिकारी ने दिया।

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