इन कारणों से ब्रांडिंग का एक अभिन्न अंग है रंग  

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सन्ध्या सुतौदिया

रास्ते आसान हो जाते हैं. जब कोई राह बताने वाला हो…और यह तभी होगा जब कोई ऐसा मंच अथवा माध्यम हो…जब परामर्श सही जगह पर और सही समय पर पहुँचे। शुभजिता का प्रयास हमेशा से ही ऐसी सकारात्मकता को आगे ले जाना रहा है तो हम कर रहे हैं एक नये स्तम्भ की शुरुआत विशेषज्ञ परामर्श..। इसके तहत अलग – अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों के परामर्श आपके लिए लाने का प्रयास रहेगा। शुभ सृजन सम्पर्क में पंजीकरण करवाने वाले विशेषज्ञों को आप तक पहुँचाया जायेगा और हमारा प्रयास इससे भी आगे होगा।  व्यवसाय के प्रसार के लिए एक ठोस रणनीति जरूरी है औऱ जरूरी है सही तरीके से उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से व्यवसाय का प्रचार। यह हर तरीके के पेशेवर क्षेत्र में कारगर है, किसी भी स्टार्टअप, व्यवसाय या संस्थान के सिए जरूरी है। तुरिया कम्युनिकेशन एलएलपी की सह संस्थापक, संध्या सुतोदिया  बता रही हैं ऐसे ही अवसर के बारे  में।अगर आपके पास कोई प्रश्न हों, अपने प्रश्न आप हमारे सोशल मीडिया पेज पर भी भेज सकते हैं या शुभजिता को टैग करके अपनी बात कह सकते हैं –

” आपकी राशि क्या है?”- गुजराती उपन्यास पर आधारित 2009 में प्रियंका चोपड़ा द्वारा अभिनीत फिल्म ” किमबॉल रैवेनसवुड” से यह दर्शाया गया है की किस तरह लोगों के जीवन में रंग महत्वपूर्ण है और कैसे लोग अवचेतन रूप से कुछ रंगों की ओर आकर्षित है। आई आई एम में हुए एक खोज के दौरान यह भी पता चला है कि कोई भी निश्चित वस्तु कंपनी एक निश्चित रंग का ही उपयोग करती है। पर क्या किसी भी कंपनी की ब्रांडिंग के लिए रंग कोई भूमिका निभाती है?

लाल, नीला या हरा- आपको जो भी रंग पसंद हो, वह रंग आपके व्यक्तित्व के बारे में बताता है। उसी तरह आप एक कंपनी के बारे में; उसके द्वारा उपयोग किए जाने वाले रंगों से पता कर सकते हैं। रंगो की ब्रांडिंग में एक महत्वपूर्ण भूमिका है क्योंकि इसका बहुत अधिक प्रभाव लक्ष्य दर्शक की मनोदशा पर पड़ता है। इसका पहला प्रभाव या एक क्षणिक आखरी प्रभाव रंगों के मेल के वजह से पड़ती है जो भावनाएं और अनुभव दर्शाती है। यही रहस्य है कंपनी की एक अच्छी पहचान बनाने के पीछे।

* रंगो का मनोविज्ञान: ‘रंग मनोविज्ञान’ मनोविज्ञान की एक ऐसी शाखा है जो रंगो और उनके मानव स्वभाव पर पड़ने वाले प्रभावों को संभालती है। एक खोज के अनुसार, 90% से भी अधिक ग्राहक केवल रंग के आधार पर सामग्री चुनते हैं। इसलिए यह तो निसंदेह कहा जा सकता है कि ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए एक बुद्धिमान रंग पात्र का होना आवश्यक है जो आपकी कंपनी को सफलता दिलाएगी।

विभिन्न रंगों के विभिन्न अर्थ है इसलिए सही रंग योजना चुनने से आपकी कंपनी बन भी सकती है और बिगड़ भी। किसी भी कंपनी की सामग्री का अनुपालन करते हुए ही कंपनी के लोगों का रंग चुनें क्योंकि इसका सीधा प्रभाव लक्षित दर्शकों पर पड़ता है।

* अपने ब्रांड के रंग को चुनने से पहले इन कारणों का ध्यान रखें:-

1. उपयुक्तता:- रंग योजना चुनने से पहले यह ध्यान रखना आवश्यक है कि आपका व्यापार किस चीज का है और लक्षित मार्केट में भेजा जाने वाला संदेश क्या है लक्षित संदेश उचित रंग से मिलना चाहिए।

2. लक्षित मार्केट:- यह भी जानना आवश्यक है कि ब्रांड अपनी सामग्री और सेवाएं किस लक्षित मार्केट को दे रही है। योजना से लक्षित ग्राहक प्रोत्साहित होना चाहिए।

3. स्थिरता:- ब्रांड की रंग योजना की स्थिरता से लक्षित मार्केट में ब्रांड को मजबूती मिलती है। इससे ब्रांड को अलग पहचान और बढ़ोतरी मिलती है जिससे इंडस्ट्री की प्रतियोगिता में वह अलग नजर आ सकेंगे। और तो और स्थिरता से ग्राहकों का विश्वास और सूपरिचय मिलता है।

4. समय कारण:- कंपनी की शुरुआत साल के किस समय हुई थी; इसका भी ध्यान रखना आवश्यक है।

* रंगो का विश्वव्यापी अर्थ:-
जितने रंग है उनके पीछे उतने ही अर्थ है; जिससे एक भावना उत्पन्न होती है और वह रंग और अधिक महत्वपूर्ण बन जाते हैं। ज्यादातर रंगों के विश्वव्यापी अर्थ है और यह उन रंगों के सारांश:-
# नीला:- नीले रंग को सकारात्मक रंग माना जाता है। यह विश्वास, सुरक्षा और जिम्मेदारी का आह्वान करता है और रचनात्मकता और शांति से जुड़ा हुआ है।

# लाल:- लाल रंग को बहुत ही ताकतवर माना जाता है क्योंकि यह बहुत शक्तिशाली, आक्रमक और उत्तेजक है। इस रंग का इस्तेमाल ब्रांड में जोश और शक्ति के उपयोग के लिए किया जाता है।

# हरा:- यह रंग स्वास्थ्य और प्रकृति का प्रतीक है और ब्रांड का एक शांतिदायक रूप दर्शाता है।

# पीला:- यह रंग अपने गूंज और आशावादी को दर्शाता है और यह रंग हमें प्रेरित करती है और मनोहर भी लगती है। इसलिए कीमत पर जी ज्यादातर समय इस रंग में देखी जाती है, जिससे ग्राहक इससे आकर्षित होते हैं।

# बैंगनी:- बैंगनी रंग मिलावट, उदासी, विशिष्टता और शाही/ राजशी दर्शाता है; जो महंगे जेवर बेचने वाली कंपनियों के लिए बेहतरीन हैं ।

# नारंगी:- यह रंग बच्चों की ब्रांडिंग के लिए प्रभावी है क्योंकि यह रंग प्रसन्नता, मित्रवत और मस्ती के लिए है|

# भूरा:- भूरा रंग साधारणता और स्थिरता को प्रकाश में लाता है और बहुत ही नम्र नजर आता है।

# काला:- यह रंग एक दर्जे तक मिलावट और विशिष्टता है और इसलिए यह गंभीर अभियानों के लिए सही है।

* अंतिम पंक्ति:-
रंग तो हर जगह है और मार्केटिंग के लिए आवश्यक है और अगर ध्यान ना दिया जाए तो गलत संकेत भी दे सकता है। हमारी मेहनती ब्रांडिंग दल तुरिया कम्युनिकेशन एलएलपी में आपकी ब्रांड के लिए सही रंग चुन ने में सहायता करेगी और अन्य ब्रांडिंग समस्या का समाधान करेगी।अपनी ब्रांडिंग आवश्यकताओं के लिए आज ही हमसे संपर्क करें

लेखिका तुरिया कम्युनिकेशन एलएलपी की सह संस्थापक हैं

सम्पर्क-  फोन: +91 89815-92855 /  9748964480

ई मेल : sandhya@ turiyacommunications.com sutodia.sandhya@gmail.com

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