इम्तियाज अली बनाएंगे मधुबाला की जिन्दगी पर फिल्म

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परिवार से ली इजाजत
मुम्बई : जब वी मेट, रॉकस्टार, हाईवे और लव आज कल जैसी सुपरहिट फिल्में बना चुके फिल्ममेकर इम्तियाज अली जल्द ही बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत अभिनेत्री मधुबाला की जिन्दगी को पर्दे पर लेकर आने वाले हैं।हालांकि अभी तक यह तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वे मधुबाला पर फिल्म बना रहे हैं या वेबसीरीज। एशियन एज की एक खबर के मुताबिक, इम्तियाज ने मधुबाला पर बायोपिक बनाने के लिए अधिकार भी प्राप्त कर लिए हैं। फिल्म ‘बसंत’ से 14 साल की उम्र में बतौर बाल कलाकार से डेब्यू करने से लेकर फिल्म ‘नील कमल’ में राज कपूर के साथ काम करने तक मधुबाला की जिन्दगी को दर्शाया जाएगा। ऐसी थी मधुबाला की लाइफ : मधुबाला ने अपने 22 साल तक चले फिल्मी करियर में कुल 73 फिल्में कीं। जिनमें से किसी के लिए भी उन्हें कोई अवॉर्ड नहीं मिला था। मुगल-ए-आजम के लिए भी उन्हें केवल नॉमिनेशन ही दिया गया था। फिल्म में उनके दिलीप कुमार से रिश्ते, किशोर कुमार से शादी और आखिरी वक्त के अकेलेपन को भी दिखाया जा सकता है। दिल्ली के मैडम तुसाद म्यूजियम में अगस्त 2017 में मधुबाला का वैक्स स्टेच्यू लगाया गया था। तभी से मधुबाला के जीवन पर बायोपिक बनाने की बातें चल रही थीं। बॉलीवुड के कई लोग बहन की लाइफ पर फिल्म के राइट्स पाने मधुर से अप्रोच कर रहे थे। मधुर का कहना था कि फिल्म में उनकी बहन की कहानी के साथ पूरा न्याय होना चाहिए, इसलिए वे इसे खूबसूरत अंदाज में बनाएंगी। मधुर ने कहा था कि मधुबाला के चाहने वाले और बॉलीवुड में काम करने वाले या फिर कोई और सिनेमा से जुड़े व्यक्ति मेरी बहन की बायोपिक या कोई और फिल्म, टीवी शो न बनाएं। खास तौर पर मेरी इजाजत के बिना तो बिलकुल नहीं। मधुर ने यह भी बताया था कि वे फिल्म को डायरेक्ट नहीं करेंगी। हालांकि वे चाहती हैं कि मधुबाला की बायोपिक उनका किरदार बॉलीवुड करीना कपूर खान निभाएं। खूबसूरती का दूसरा नाम मधुबाला की लाइफ के किस्से भी बेहद अजब-गजब हैं। मधुबाला ने दिलीप कुमार से ब्रेकअप के बाद किशोर कुमार से शादी की थी। लेकिन इस लव स्टोरी को पूरा करने किशोर कुमार ने इस्लाम अपनाया और वे अब्दुल करीम बन गए थे। मधुबाला बिमल रॉय की फिल्म ‘बिराज बहू’ में काम करना चाहती थीं, जिसमें रोल पाने उन्होंने बिमल दा के ऑफिस के कई चक्कर लगाए थे। लेकिन बिमल ने उन्हें कास्ट नहीं किया। 1954 में आई फिल्म बिराज बहू शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के बांग्ला उपन्यास पर बनी थीं।
अमेरिकन डायरेक्टर प्रैंक कैपरा मधुबाला को अपनी फिल्म् में कास्ट करना चाहते थे, लेकिन मधुबाला के पिता अताउल्ला खान ने इसके लिए मना कर दिया। पिता के कारण ही दिलीप कुमार और मधुबाला की प्रेमकहानी अधूरी रह गई।
मधुबाला का आखिरी वक्त बेहद तकलीफों भरा था, मधुबाला के शरीर में जरूरत से ज्यादा खून बनता था, जो उनके नाक और मुंह से बाहर आ जाता था। वहीं दिल में छेद के कारण मौत से पहले हडि्डयों की ढांचा रह गयी थीं।

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