‘ऐसे उत्पादों का बहिष्कार करें जो पर्यावरण के लिए घातक हो’

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कोलकाता : भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वेबिनार का आयोजन किया प्रमुख अतिथियों में हुलडेक रिसाइकलिंग प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक नंदन माल और क्लाइमेट चेंज प्रोग्राम, दक्षिण और दक्षिण पूर्वी एशिया के निदेशक अजय मित्तल उपस्थित रहे जिन्होंने ने पर्यावरण की वर्तमान स्थितियों पर विस्तार से चर्चा की। 60 से अधिक विद्यार्थियों की उपस्थिति रही ।कार्यक्रम का उद्घाटन किया भवानीपुर कॉलेज के डीन प्रो दिलीप शाह ने। अपने वक्तव्य में प्रो शाह ने पर्यावरण की सुरक्षा जैसे ज्वलंत मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए और सुंदर वन में पेड़ लगाने की बात पर जोर दिया। कॉलेज की एनएसएस टीम ने गत की वर्षों से वहाँ बड़ी संख्या में पेड़ लगाए हैं और विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रोत्साहित किया है। प्रो. उर्वी शुक्ला ने कहा कि ऐसे उत्पादों का ही बहिष्कार करें जिनसे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता हो।
अजय मित्तल ने पर्यावरण, ग्लोबल वार्मिंग पर स्लाइड्स के द्वारा विश्व और पश्चिम बंगाल के पर्यावरण संरक्षण पर उनका संगठन विभिन्न प्रकार से कार्य कर रहा है, विस्तार से जानकारी दी। अम्फान और यास जैसे बहुत से तूफ़ान हर वर्ष पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं।हम व्यक्तिगत रूप से ध्यान देकर पर्यावरण को सुरक्षित रख सकते हैं। नंदन लाल ने कूड़ा करकट और गंदगी का प्रबंधन और पुनर्निर्माण उनकी कंपनी किस प्रकार कर रही है, बताया। अगली लड़ाई जल संसाधन को लेकर है। पीने के पानी की कमी होती जा रही है। बारिश के पानी का संरक्षण करने के लिए हम अपनी छत में टंकी बना कर जल संरक्षण में मदद दे सकते हैं। भविष्य में आने वाली पीढ़ी के लिए हमें अभी से सरकारी, गैर सरकारी और एनजीओ को बड़े स्तर पर काम करने की आवश्यकता है। नल से रिसते पानी की समस्या से भी निपटने की आवश्यकता है। अंत में पर्यावरण संबंधी प्रश्नोत्तर सेशन प्रो उर्वी शुक्ला ने विद्यार्थियों से किया और पूरे कार्यक्रम का संचालन भी किया। प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी ने घरेलू फर्नीचर, बेड, मोबाइल औद्योगिक और कन्स्ट्रकशन आदि बेकार वस्तुओं को एक ही कूड़ा जगह पर फेंकने पर आपत्ति जताई। ई वेस्ट हटाने के लिए सरकारी नियमों के विषय में अजय मित्तल से जानकारी प्राप्त की। प्रो. दिव्या उडीसी, प्रो श्रद्धा अग्रवाल और अन्य शिक्षक उपस्थित रहे कीर्ति शर्मा और गौरव किल्ला का सहयोगी रहे। इस कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने।

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