कम कमाई वालों का सहारा म्यूचुअल फंड, 70% निवेशकों की वार्षिक आय 5 लाख से कम

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मुम्बई : कम कमाई करने वालों के लिए म्यूचुअल फंड इस समय देश में सबसे पसंदीदा निवेश का साधन बना है। यह बात खुद वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में कही है। उनके मुताबिक, म्यूचुअल फंड में 70% निवेशक वे हैं, जिनकी सालाना कमाई 1 लाख से 5 लाख रुपये के बीच है।

एयूएम में ज्यादा हिस्सेदारी 1 से 5 करोड़ वालों की
हालांकि असेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) के लिहाज से सबसे ज्यादा हिस्सेदारी सालाना 1 करोड़ से 5 करोड़ रुपये कमाने वालों की है पर वैयक्तिक निवेशकों की संख्या के लिहाज से 1 से 5 लाख रुपये वालों की हिस्सेदारी ज्यादा है। एयूएम का मतलब निवेशकों का जितना पैसा म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री या कंपनियों के पास होता है। देश में कुल 1.82 करोड़ म्यूचुअल फंड निवेशक हैं।

5 लाख से कम कमाई वालों की हिस्सेदारी एयूएम में 29%
उन्होंने बताया कि फंड इंडस्ट्री के एयूएम में 5 लाख रुपये से कम कमाई करने वाले निवेशक एयूएम में 29% हिस्सेदारी रखते हैं। सेबी के आंकड़ों के हवाले से वित्त राज्यमंत्री ने बताया कि एक लाख रुपये से कम कमाई करने वाले यूनीक इन्वेस्टर्स की संख्या 16 लाख 33 हजार 909 है। इनकी हिस्सेदारी इंडिविजुअल निवेशकों में 8.80% है। जबकि फंड हाउसों के पास इनका कुल निवेश 1.44 लाख करोड़ रुपये है। यानी फंड इंडस्ट्री के पास जितना निवेश है, उसका 4.50% हिस्सा इन निवेशकों का है।

निवेशकों की संख्या 1.13 करोड़
एक से पांच लाख रुपए सालाना कमाने वाले निवेशकों की संख्या 1 करोड़ 13 लाख 66 हजार 741 है। कुल इंडिविजुअल निवेशकों की संख्या की तुलना में इनकी हिस्सेदारी 61.21% है। जबकि इनका AUM 7 लाख 71 हजार 650 करोड़ रुपए है। फंड इंडस्ट्री के कुल AUM में इनकी हिस्सेदारी 24.04% है। चौंकाने वाली बात है कि जो लोग ज्यादा कमाते हैं वे फंड में निवेश नहीं करते हैँ।

5 करोड़ कमाने वाले केवल 245 निवेशक
उदाहरण के तौर पर 5 करोड़ रुपए सालाना कमाने वाले केवल 245 लोग ऐसे हैं जो म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। इन्होंने कुल 408 करोड़ रुपये का निवेश किया है। 5 से 10 लाख रुपये जो लोग सालाना कमाते हैं, ऐसे निवेशकों की संख्या 35.81 लाख है। इंडिविजुअल निवेशकों में इनकी हिस्सेदारी 19.28% है। इनका निवेश 5.98 लाख करोड़ रुपये है और इनकी हिस्सेदारी एयूएम में 18.64% है।

10-25 लाख कमाई वालों की संख्या 14.31 लाख
10 से 25 लाख रुपये जो लोग साल में कमाते हैं, ऐसे निवेशकों की संख्या 14.31 लाख है। इनका कुल निवेश 3.61 लाख करोड़ रुपए है। इंडिविजुअल निवेशकों की संख्या में इनकी हिस्सेदारी 7.71% है जबकि कुल एयूएम में इनका हिस्सा 11.27% है। 25 लाख से एक करोड़ रुपए कमाई करने वाले 4.22 लाख लोग म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। इनकी हिस्सेदारी 2.27% है और इनका कुल निवेश 3.40 लाख करोड़ रुपए है। कुल निवेश में इनकी हिस्सेदारी 10.61% है। 1 से 5 करोड़ रुपए सालाना करने वाले निवेशकों की संख्या 1.35 लाख है। इंडिविजुअ निवेशकों की संख्या में ये एक पर्सेंट से भी कम हैं। हालांकि इनका AUM सबसे ज्यादा 9.93 लाख करोड़ रुपए है। एयूएम में इनकी हिस्सेदारी करीबन 31% है।

बी-30 शहरों से बढ़ रहा है निवेश
मंत्री ने बताया कि बी-30 यानी टॉप 30 शहरों के बाद के जो शहर हैं, वहां से 2020-21 में 6.46 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है। 2019-20 में यह 3.48 लाख करोड़ रुपये था। यानी इसमें 86% की बढ़त आई है। छोटे शहरों में सिस्टैमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में तेजी से बढ़त हो रही है। उन्होंने कहा कि सेबी ने ढेर सारी पहल निवेशकों को जागरुक करने के लिए की है।

फंड इंडस्ट्री के पास 36 लाख करोड से ज्यादा का फंड

देश की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एयूएम इस समय 36 लाख करोड़ रुपये के पार है। इसमें सबसे ज्यादा निवेश करीबन 6 लाख करोड़ रुपये एसबीआई म्यूचुअल फंड के पास है। देश में कुल पांच बड़े फंड हाउसों में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल (4.47 लाख करोड़ रुपये), HDFC म्यूचुअल फंड (4.38 लाख करोड़ रुपये) हैं। बिड़ला म्यूचुअल फंड और कोटक म्यूचुअल फंड भी टॉप 5 में हैं।

(साभार – दैनिक भास्कर)

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