कोरोना महामारी को रोकने में युनाइटेड नेशन कितना सफल?

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 भवानीपुर कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा वादविवाद क्रासफायर 2020

कोलकाता : वैश्विक स्तर पर क्रियान्वयन की दृष्टि से युनाइटेड नेशन अपने उद्देश्यों में कहाँ तक सफल रहा और कहाँ तक असफल रहा – इन दोनों पक्षों पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन भवानीपुर एडूकेशन सोसायटी कॉलेज के विद्यार्थियों ने ऑन-लाइन किया। लॉक डाउन में घर में बैठ कर इस प्रकार की वैश्विक स्तर की बहस ने विद्यार्थियों में सृजनात्मक चिंतन को बढ़ावा दिया और सभी को युवाओं के विचारों से अवगत होने का अवसर मिला। इस वाद विवाद में हाउस में निश्चित किया गया कि युनाइटेड नेशन अपने उद्देश्यों में असफल रहा। ऑनलाइन इस कार्यक्रम में देव बनर्जी( बीबीए), अनुश्री संयाल (बीएससी अर्थ शास्त्र) , संयम झा (बीए पॉलिटिकल साइंस) , समाद्रितो पॉल,(बी.कॉम ऑनर्स) , जीताश्री पॉल( बीएससी कम्प्यूटर साइंस) , आशीष रंजन(बीएससी पूर्व छात्र) ने सक्रिय रूप से भाग लिया। वाद विवाद के दोनों पक्षों ने अपने अपने महत्वपूर्ण तथ्यों के आधार पर पक्ष और विपक्ष में अपनी बातें रखीं।
इस कार्यक्रम की मध्यस्थता की अंतर्राष्ट्रीय विषयों के विशेषज्ञ प्रणव मुखर्जी ने। जूम मोड पर हुए इस क्रॉसफायर 2020 में हुए वाद विवाद में यही निष्कर्ष निकला कि वैश्विक स्तर पर फैली महामारी कोरोना से लड़ने में युनाइटेड नेशन चार्टर अपने उद्देश्यों में असफल रहा। युनाइटेड नेशनल सिक्युरिटी कौंसिल की टेबल में किए गए अपने वीटो अधिकारों का चीन ने दुरुपयोग किया। क्रिमियाई श्रेणी में आने वाला रूस ने न्यायसंगत और धर्म युद्ध को माना। सभी विद्यार्थी प्रतिभागियों ने अपने विचारों को साझा किया। अपने वक्तव्य में मुखर्जी ने वर्तमान समय में अर्थव्यवस्था में आने वाली गिरावट और वैश्विक स्तर पर आई महामारी के कारण होने वाली समस्याओं से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। और यह भी कहा कि युनाइटेड नेशन ने उन स्थानों पर हस्तक्षेप नहीं किया न ही बैठकें या अधिवेशन भी। कोविद 19 की भयावह महामारी के समय यूनाइटेड नेशन शांति देने का काम कर रहा है जो शरणार्थियों के स्वास्थ्य से संबंधित है।
विद्यार्थी दर्शकों ने भी काफी संख्या में इस बहस में शामिल होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कहा कि कोविद 19 को रोकने में डब्ल्यू एच ओ भी उस तत्परता से सहयोग नहीं कर सका जबकि चीन के वुहान में फैले कोरोना वायरस की खबर उसे लग चुकी थी। कार्यक्रम के अंत में परनब मुखर्जी ने अंतर्राष्ट्रीय वैश्विक संबध पर चर्चा की। इस सेमिनार में प्रथम स्थान पर अनुश्री संयाल, द्वितीय स्थान पर देव बनर्जी और तृतीय स्थान पर जीताश्री पॉल रहे। इस कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने।

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