कोलकाता : पेट की घातक बीमारियों का चलेगा पता लगाएगी पायरो ब्रीद तकनीक

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‘पायरो-ब्रीद’ तकनीक में सांसों के सैंपल से ही पेट के रोग की शुरुआती स्तर पर ही पहचान हो जाएगी
कोलकाता : पेट की बीमारियों का पता लगाने के लिए कोलकाता के एसएन बोस नेशनल सेंटर फॉर बेसिक साइंसेज के वैज्ञानिकों ने नया तरीका खोजा है। इस तकनीक से डॉक्टर मरीज की छोड़ी हुई सांस के ब्रीदप्रिंट से पता लगा लेंगे कि पेट में सामान्य संक्रमण है, अल्सर है या फिर कैंसर जैसा कोई घातक रोग है। इस तकनीक की खोज करने वाले वैज्ञानिकों ने बताया कि इस तकनीक में किसी रोगी के सांसों के सैंपल से ही पेट के रोग की शुरुआती स्तर पर ही पहचान हो जाएगी। इसे ‘पायरो-ब्रीद’ नाम दिया है।

ब्रीदप्रिंट एक तरह से फिंगरप्रिंट की तरह है, जो अनूठा होता है
सेंटर के वैज्ञानिक डॉ. माणिक प्रधान ने बताया कि ‘पायरो-ब्रीद’ एक तरह का गैस एनालाइजर है, जो वापस आ रही सांस में मौजूद गैस व कणों के खास किस्म के ब्रीद-प्रिंट को स्कैन कर सकता है। ब्रीदप्रिंट एक तरह से फिंगरप्रिंट की तरह है, जो हर व्यक्ति का बिल्कुल अनूठा होता है।
एक हजार से अधिक मरीजों पर तकनीक का किया इस्तेमाल
कोलकाता के साल्टलेक स्थित एएमआरआइ अस्पताल में एक हजार से अधिक मरीजों पर इस तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसके परिणाम संतोषजनक आए और यह एंडोस्कोपी टेस्ट की तुलना में 96 प्रतिशत सटीक पाया गया है। वैज्ञानिकों ने इस तकनीक का पेटेंट करा लिया है और इसकी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की प्रक्रिया चल रही है। इसका व्यावसायिक उत्पादन अगले साल तक शुरू हो जाएगा।

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