गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगी आत्मनिर्भर भारत की झाँकी

0
3

इस बार ’26 जनवरी, 2023′ को 74वां गणतंत्र दिवस समारोह बेहद खास रहने वाला है क्योंकि परेड में कई नई पहल की जाएंगी। इसलिए 2023 के आगामी गणतंत्र दिवस से जुड़ी जानकारी प्रत्येक भारतीय के लिए बेहद दिलचस्प रहेगी। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में नारी शक्ति, आत्मनिर्भरता और आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत ‘मेक इन इंडिया’ योजना को प्रदर्शित किया जा रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में…

‘आत्मनिर्भर भारत’ की परेड के होंगे दर्शन

गौरतलब हो इस बार परेड के दौरान दर्शकों को कई चीजें पहली बार देखने को मिलेंगी जिनमें सबसे महत्वपूर्ण होगी सेना की सभी हथियार प्रणालियां जो ‘मेड इन इंडिया’ हैं। यानि इस बार कर्तव्य पथ पर ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परेड के दर्शन होंगे।

ब्रिटिश-युग की 25-पाउंडर तोपों की जगह लेगी इंडियन फील्ड गन्स

वहीं इस बार, 21 तोपों की सलामी देशी 105 एमएम इंडियन फील्ड गन्स से दी जाएगी, जो द्वितीय विश्व युद्ध में इस्तेमाल की जाने वाली ब्रिटिश-युग की 25-पाउंडर तोपों की जगह लेगी। हालांकि इन देशी बंदूकों का इस्तेमाल पिछले साल के स्वतंत्रता दिवस के दौरान किया गया था, लेकिन यह पहली बार है जब गणतंत्र दिवस पर इनका इस्तेमाल किया जाएगा।

नवनियुक्त अग्निवीर पहली बार परेड का हिस्सा होंगे

इस बार नवनियुक्त अग्निवीर भी पहली बार परेड का हिस्सा होंगे। ये अग्निवीर पिछले वर्ष अग्निवीर योजना के तहत देश के रक्षा के लिए सेना में भर्ती हुए थे। इस संबंध में भारतीय नौसेना का यह जानकारी साझा कर चुकी है कि इतिहास में पहली बार कर्तव्‍य पथ में मार्चिंग दस्ते में तीन महिला और पांच पुरुष अग्निवीर भी परेड में भाग लेंगे।

समारोह में अनेक नए कार्यक्रम

इसके अलावा गणतंत्र दिवस समारोह को बेहद अनोखा बनाने के लिए इस बार अनेक नए कार्यक्रम भी जोड़े गए हैं। इनमें सैन्य टैटू और जनजातीय नृत्य उत्सव, वीर गाथा 2.0, वंदे भारतम नृत्य प्रतियोगिता का दूसरा संस्करण, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर सैन्य और तटरक्षक बैंड का प्रदर्शन; राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में अखिल भारतीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता, बीटिंग द रिट्रीट समारोह के दौरान एक ड्रोन शो और प्रोजेक्शन मैपिंग इत्यादि शामिल है। कार्यक्रमों में देश की सांस्कृतिक विविधता और स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल इंडिया के उदय को प्रदर्शित करने के लिए सैन्य टैटू और आदिवासी नृत्य उत्सव, वीर गाथा और वंदे भारतम 2.0, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अखिल भारतीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता और बीटिंग द रिट्रीट के दौरान अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन शो और एनामॉर्फिक प्रोजेक्शन मैंपिंक कार्यक्रम तय किया गया है।

मिस्र की एक सैन्य टुकड़ी और

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल-सीसी 26 जनवरी को नई दिल्‍ली में गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि होंगे। 2022-23 में भारत की G-20 की अध्यक्षता के दौरान मिस्र को भी ‘अतिथि देश’ के रूप में आमंत्रित किया गया है। वहीं समारोह में मिस्र की सैन्‍य टुकड़ी भी भाग ले रही है। मिस्र के राष्ट्रपति समेत उनके देश का मार्चिंग दल भी परेड में भाग लेगा।

देश की रक्षा में तैनात महिला सैनिकों का दस्ता आएगा नजर

वहीं पाकिस्तान के साथ रेगिस्तानी सीमा की रक्षा करने वाली महिला सैनिक, बीएसएफ ऊंट दल का हिस्सा होंगी और रणनीतिक आधार पर तैनात एक महिला अधिकारी ‘नारी शक्ति’ का प्रदर्शन करने वाले नौसेना के 144 नाविकों के दल का नेतृत्व करेंगी।

नौसेना का आईएल -38 परेड के लिए भरेगा अपनी आखिरी उड़ान

नौसेना का जासूसी विमान आईएल-38 विमान, जिसने चार दशकों से अधिक समय तक समुद्री सेना की सेवा की, परेड के लिए अपनी आखिरी उड़ान भरने के साथ ही इतिहास की किताबों में दर्ज हो जाएगा। समुद्री टोही विमान IL-38 ने लगभग 42 वर्षों तक नौसेना की सेवा की है। इसके अलावा परेड के फ्लाई पास्ट में भाग लेने वाले 44 विमानों में नौ राफेल जेट, स्वदेश निर्मित प्रचंड, एक बहु-भूमिका, लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर भी शामिल होंगे।

लाल किले तक परेड के पारंपरिक मार्ग को पुन: किया जाएगा शुरू

दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल भवानीश कुमार ने बताया है कि परेड सुबह 10.30 बजे विजय चौक से शुरू होगी और टुकड़ी सीधे लाल किले तक मार्च करेगी। महामारी के दौरान, लाल किले तक परेड के पारंपरिक मार्ग को कोविड प्रतिबंधों के कारण बंद कर दिया गया था।

कुल 23 झांकियां परेड का बनेंगी हिस्सा

भारत की जीवंत सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक और सामाजिक प्रगति को दर्शाने वाली कुल 23 झांकियां- राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 17 और विभिन्न मंत्रालयों और विभागों से छह झांकियां राजसी परेड का हिस्सा होंगी। इनके इतर इस बार नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो भी पहली बार झांकी में शामिल होने जा रहा है।

कर्तव्य पथ पर पहली परेड

उल्लेखनीय है कि पिछले साल राजपथ का नाम बदलने के बाद कर्तव्य पथ पहले गणतंत्र दिवस समारोह की मेजबानी करेगा। याद हो, पीएम मोदी ने 8 सितंबर 2022 को इंडिया गेट पर ‘कर्तव्य पथ’ का उद्घाटन किया था जिसके बाद ये पहला मौका होगा जब कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की परेड होने जा रही है। कर्तव्य पथ बेहतर सार्वजनिक स्थानों और सुविधाओं को प्रदर्शित करेगा, जिसमें पैदल रास्ते के साथ लॉन, हरे-भरे स्थान, नवीनीकृत नहरें, मार्गों के पास लगे बेहतर बोर्ड, नई सुख-सुविधाओं वाले ब्लॉक और बिक्री स्टॉल शामिल हैं। इसके अलावा इसमें पैदल यात्रियों के लिए नए अंडरपास, बेहतर पार्किंग स्थल, नए प्रदर्शनी पैनल और रात्रि के समय जलने वाली आधुनिक लाइटों से दर्शकों को पहले से बेहतर अनुभव मिलने वाला है। इसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, भारी वर्षा के कारण एकत्र जल का प्रबंधन, उपयोग किए गए पानी का पुनर्चक्रण, वर्षा जल संचयन और ऊर्जा कुशल प्रकाश व्यवस्था जैसी अनेक दीर्घकालिक सुविधाएं भी शामिल हैं।

ई-आमंत्रण

इस वर्ष, मेहमानों और दर्शकों को निमंत्रण कार्डों के स्थान पर ई-निमंत्रण दिए गए हैं। इस उद्देश्य के लिए, एक समर्पित पोर्टल www.amantran.mod.gov.in शुरू किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से टिकटों की बिक्री, प्रवेश पत्र, निमंत्रण पत्र और कार पार्किंग लेबल ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं। यह पूरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और कागज रहित बनाना सुनिश्चित करेगा और देश के सभी हिस्सों के लोग इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग लेने में सक्षम हो सकेंगे।

कर्तव्य पथ श्रम योगी को दी जाएगी प्रमुखता

इस वर्ष समाज के सभी वर्गों के आम लोगों को निमंत्रण भेजा गया है जैसे कि सेंट्रल विस्टा, कर्तव्य पथ, नए संसद भवन के निर्माण में शामिल श्रमयोगी, दूध, सब्जी विक्रेता, स्ट्रीट वेंडर आदि। इन विशेष आमंत्रितों को कर्तव्य पथ पर प्रमुखता से बैठाया जाएगा।

ड्रोन शो

भारत में सबसे बड़ा ड्रोन शो, जिसमें 3,500 स्वदेशी ड्रोन शामिल हैं, रायसीना की पहाड़ियों पर शाम के आसमान को रोशन करेगा, सहज तालमेल के माध्यम से राष्ट्रीय आकृतियों/कार्यक्रमों के असंख्य रूपों को गूंथेगा। यह स्टार्टअप इकोसिस्टम की सफलता, देश के युवाओं तकनीकी कौशल को दर्शाता है और भविष्य के पथ-प्रदर्शक रुझानों के लिए मार्ग प्रशस्त करता है। इस कार्यक्रम का आयोजन मैसर्स बोटलैब्स डायनेमिक्स द्वारा किया जाएगा।

एनामॉर्फिक प्रोजेक्शन

बीटिंग रिट्रीट समारोह 2023 के दौरान नॉर्थ और साउथ ब्लॉक के अग्रभाग पर पहली बार 3-डी एनामॉर्फिक प्रोजेक्शन का आयोजन किया जाएगा। ये कुछ खास कार्यक्रम हैं जो इस बार गणतंत्र दिवस समारोह को और भी खास बनाने जा रहे हैं।

Previous articleवसंत पंचमी विशेष – ज्ञान, बुद्धि, कला की देवी माँ सरस्वती का प्राक्ट्य दिवस
Next articleगणतंत्र दिवस विशेष – समारोह की कुछ स्मृतियाँ
शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

3 + 3 =