घरेलू हिंसा बनती है हर साल 10 हजार से अधिक महिलाओं की मौत का कारण

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आ गया ‘लॉकडाउनऑनडोमेस्टिकवायलेंस’ का बांग्ला संस्करण
अक्षरा सेन्टर ने डेविड एंड गोलिथ फिल्म और स्वयं के साथ बनाया है
कोलकाता : लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है। इस परिस्थिति को देखते हुए ‘लॉकडाउनऑनडोमेस्टिकवायलेंस’ नामक जागरूकता वीडियो हिन्दी में बनाया गया था। अब इसका बांग्ला संस्करण भी आ गया है जिसे अक्षरा सेन्टर ने डेविड एंड गोलिथ फिल्म और स्वयं के साथ बनाया है। इस वीडियो में ऋचा शर्मा, अपर्णा सेन, उषा उत्थुप, परमब्रत चटर्जी, विक्रम घोष, कोन्कना सेन शर्मा, आदिल हुसैन तथा जया सील ने काम किया है। इन हस्तियों ने घरेलू हिंसा पर चुप न रहने और राज्य महिला आयोग की हेल्पलाइन के जरिए शिकायत करने की सलाह दी है। अक्षरा सेन्टर ने डेविड एंड गोलिथ फिल्म और ‘स्वयं’, स्पेशल सेल फॉर विमेन एंड चिल्ड्रेन के साथ महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से कई हस्तियों को लेकर हिन्दी, अंग्रेजी, मराठी में घरेलू हिंसा के खिलाफ यह जागरूकतामूलक वीडियो बनाया है। गत 19 अप्रैल को महाराष्ट्र सरकार ने ट्विटर पर यह वीडियो जारी किया था जिसे 5.5 मीलियन लोगों ने देखा। डेविड एंड गोलिथ फिल्म के चेयरमैन लाल भाटिया तथा निदेशक इमरान जाकी तथा ऋचा शर्मा ने इस अभियान की तारीफ की। अक्षरा सेंटर की सह निदेशक नन्दिता शाह ने कहा कि घरेलू हिंसा न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में बढ़ रही है और ‘लॉकडाउनऑनडोमेस्टिकवायलेंस’ को लेकर वह खुश हैं। तथा ‘स्वयं’ की निदेशक अनुराधा कपूर ने कहा कि घरेलू हिंसा के कारण हर साल 10 हजार महिलाएँ आत्महत्या करने पर मजबूर होती हैं या उनकी हत्या कर दी जाती है। लॉकडाउन ने घर को भी महिलाओं के लिए असुरक्षित बना दिया है और यह पहल राज्य महिला आयोग की हेल्पलाइन साझा करने के लिए है। राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन लीना गंगोपाध्याय ने कहा कि यह वीडियो समय की जरूरत है।

पूरा वीडियो आप यहाँ देख सकते हैं

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