चीन में है मिट्टी से बने 8000 सैनिकों की टेराकोटा आर्मी

0
307

चीन में शांक्सी प्रांत की राजधानी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अपने शहर शियान में पकी मिट्टी यानी टेराकोटा से बने 8,000 सैनिक 2000 साल से अपने राजा की कब्र की सुरक्षा कर रहे हैं। पढ़ने में थोड़ा अजीब लगेगा, पर यह सच है। इसे पूरी दुनिया में टेराकोटा आर्मी के नाम से जाना जाता है। शांक्सी जाने वालों के लिए यह एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।
बात 1974 की है, जब 29 मार्च को शांक्सी के किसान कुआं खोद रहे थे। तभी उन्हें इस आर्मी के बारे में पता चला। इसके बाद डेढ़ किमी के दायरे में खुदाई करवाई गई। तब एक फुटबॉल के ग्राउंड के बराबर के हॉल में 11 कतारों में खड़े 8,000 सैनिक जमीन से बाहर निकले। इन सैनिकों की कई खासियतें हैं। हर सैनिक की ऊंचाई अलग-अलग है। उन्हें अलग-अलग भूमिका दी गई है और यह उनके चेहरे और पहनावे से भी साफ दिखता है। जिस तरह मिस्र में शासक की मौत होने पर पिरामिड बनाए जाते थे, उसी तरह चीन में शासक की कब्र की रक्षा के लिए सैनिक तैनात किए जाते थे। 210-209 ईसा पूर्व में चीन के राजा किन शी हुआंग की मौत के बाद पकी मिट्टी से यह सैनिक बनाए गए थे। उद्देश्य था कि ये सैनिक मौत के बाद भी राजा की सुरक्षा करेंगे। इस सेना के आदमकद पुतलों के सिर, हाथ-पैर और धड़ अलग-अलग बनाए गए और फिर उन्हें जोड़ा गया। जोड़ने से पहले आग में तपाते थे। यह पुतले इतने सजीव हैं कि देखने पर लगेगा कि अभी जी उठेंगे।
कब्र के सामने एक हॉल था, जिसमें यह सैनिक खड़े थे। सैनिकों के साथ उनके घोड़े, दफ्तर और अन्य लोगों के रहने के घर भी थे। सेना का साजो-सामान तांबे, टिन और अलग-अलग धातुओं का है। यह भी बताया जाता है कि इन सैनिकों के कई मूल हथियारों को उनके बनाने के कुछ ही दिन बाद लूट लिया गया था। 23 फुट गहरे चार गड्ढों में यह सेना खड़ी है। 230 मीटर लंबे और करीब 62 मीटर चौड़े पहले गड्ढे में 6000 पुतले हैं। 11 गलियारे हैं जो 3-3 मीटर चौड़े हैं। लकड़ी से बनी इनकी छत को बारिश से बचाने के लिए मिट्टी की परतों को विशेष उपाय के साथ चढ़ाया गया है। अन्य गड्ढों में घुड़सवार और युद्ध में काम आने वाली गाड़ियां हैं।

Previous article25 हजार बच्चों को शिक्षा, भोजन और जीने का सलीका सिखा रहा यह परिवार
Next articleहिट हो गया खादी इंडिया का गाय के गोबर से निर्मित पेंट
शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

19 − 6 =