जुग जुग जियसु बबुनिया, भवनवा के भाग जागल हो…..नये रूप में

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बदलाव समय की माँग है और यह बदलाव अब हमारे गीतों में भी होना चाहिए…बदलाव की झलक दिखने लगी है…इस सोहर के दो संस्करणों में दिखने लगी है…आप भी देखिए…दोनों वीडियो…फेसबुक से साभार..पहला विज्ञापन है जिलेट का और दूसरा बलिया हब के पेज से…हमें ऐसे ही बदलावों की जरूरत है….

!! जुग जुग जीय हो बबुनिया की दुनिया अजोर कइलु हो !!मर्द-औरत और लड़का-लड़की के खाँचे में बंधे समाज मे #Gillete की ये पहल, शानदार है!!जब असल मे कोई भेद ही नही है तो फिर #सोहर (केवल लड़को के जन्म पे गया जाने वाला लोकसंगीत) लड़कियों के जन्म पे भी गाना चाहिए ना ….!मेरे यहा तो गाते है, और आपके यहाँ …. ??? #genderjustice #gendersensetization#womanempowermenthttps://t.co/PPZJz6JvGJ

Posted by Kushagra Rajendra on Saturday, February 1, 2020

 

बलिया हब के पेज से

https://www.facebook.com/myballiahub/videos/219180426136415

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