दबंगई रोकेगा 13 साल की बच्ची द्वारा बनाया गया ऐप

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गुरुग्राम: स्कूल कार्यक्रम में एक साथी छात्र की खिल्ली उड़ाये जाने का पांच साल पुराना दृश्य अनुष्का जॉली की याददाश्त में बहुत गहराई के साथ बैठ गया। इस घटना ने 13 साल की बच्ची को ‘कवच’ नाम से एक मोबाइल ऐप (Kavach Mobile App) बनाने के लिए प्रेरित किया। इस ऐप के लिए कक्षा आठवीं की छात्रा जॉली को 50 लाख रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
दबंगई रोकने के लिए तैयार किया डिजिटल मंच
स्कूल में दबंगई (Bulling) रोकने के लिए जॉली ने तीन साल पहले एक डिजिटल मंच तैयार किया, जिसका नाम है दबंगाई निरोधक दल यानी एंटी बुलिंग स्क्वाड। यह मंच विद्यार्थियों तथा अभिभावकों को बिना नाम का खुलासा किए रिपोर्ट करने की सुविधा देने के लिए तैयार किया गया। इसे शैक्षणिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों की मदद से तैयार किया गया। एबीएस का 100 से अधिक स्कूलों के 2000 से अधिक बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

क्या है ऐप की खासियत
कक्षा आठवीं की छात्रा ने ‘कवच’ नाम से एक मोबाइल ऐप भी बनाया है। इस ऐप की खासियत यह है कि विद्यार्थी और अभिभावक बिना अपने नाम का खुलासा किए छात्रों की दबंगई के खिलाफ शिकायत कर सकेंगे। इससे स्कूलों और परामर्शदाताओं को हस्तक्षेप करने और कार्रवाई करने का मौका मिल सकेगा। अपने नए विचार के कारण टीवी रियलिटी शो ‘शार्क टैंक इंडिया’ (Shark Tank India) की प्रतिभागी रहीं जॉली ने कहा, ”एक लड़की के साथ दबंगई की घटना मेरी याददाश्त में दर्ज हो गई और मैं अब तक उसका चेहरा नहीं भूल सकी। वह डरी हुई थी और खुद को असहाय महसूस कर रही थी।”

गुरुग्राम स्थित पाथवे स्कूल की छात्रा जॉली चाहती हैं कि स्कूल में दबंगई के खिलाफ एंबेसडर का एक मजबूत नेटवर्क बनाया जाए जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पीड़ित तक मंच या ऐप के जरिये पहुंच सके। जॉली ने बताया की दो निवेशकों ने उनके ऐप में 50 लाख रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव दिया है। जॉली के विचार (आइडिया) में निवेश करने वालों में पीपल ग्रुप (शादी डॉट कॉम) के संस्थापक और सीईओ अनुपम मित्तल और बीओएटी के सह-संस्थापक अमन गुप्ता भी हैं। जॉली के पिता चार्टर्ड अकाउंटेंट होने के साथ-साथ एक उद्यमी भी हैं।

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