पत्रकारिता स्ट्रांग कॉमन सेंस है -विश्वंभर नेवर

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भवानीपुर कॉलेज में हिंदी पत्रकारिता और जनसंचार माध्यम की कार्यशाला
कोलकाता : भवानीपुर एडुकेशन सोसाइटी कालेज में पत्रकारिता और जनसंचार माध्यम विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के आरंभ में दैनिक समाचार पत्र छपते छपते के प्रधान संपादक विश्वंभर नेवर ने अपने अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। सात दशकों से अपने परिश्रम और लगन से विश्वंभर नेवर आज हिंदी मीडिया में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। ताजा टीवी हिंदी के निदेशक और संस्थापक नेवर ने बताया कि पत्रकारिता के क्षेत्र में एक पत्रकार को रिपोर्टिंग करने के लिए पढ़ना और लिखना बहुत जरूरी है। जब तक भाषा में धार नहीं होगी तब तक वह अच्छा पत्रकार नहीं बन सकता। वर्तमान समय में पत्रकारिता किसी भी विधा में चाहे विज्ञान, रासायनिक या फिर फिल्म क्षेत्र में की जा सकती है। हिंदी या क्षेत्रीय भाषा के अखबार अधिक पढ़े जाते हैं वनस्पत अंग्रेजी भाषा के। पत्रकारिता व्यक्ति के स्ट्रांग कॉमन सेंस का प्रतिफलन है।
भवानीपुर कॉलेज के डीन प्रो दिलीप शाह ने विश्वंभर नेवर का स्वागत करते हुए कहा कि हिंदी की पत्रकारिता का आज विस्तार हुआ है। आज का युवा स्वयं अपना ब्लॉग, यू-ट्यूब चैनल, फेसबुक आदि पर अपना व्यक्तिगत व्यवसाय कर सकता। हिंदी पत्रकारिता पर पहली बार हो रही कार्यशाला का उद्देश्य है कि प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और वेब मीडिया में विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को किस प्रकार काम में चैनेलाइज कर सकते हैं।
कार्यशाला की संयोजक डॉ वसुंधरा मिश्र ने कोरोना महामारी के इस संकटकालीन स्थितियों में पत्रकारिता और जनसंचार माध्यम में अपनी रचनात्मक कार्यों को सही दिशा में लगाने का सबसे अच्छा जरिया बताया। पूरे विश्व में हिंदी भाषा की एक महत्वपूर्ण पहचान बनी है। कलकत्ता से ही पहला हिंदी अखबार 30 मई, सन् 1826 में निकला। आजादी के पहले निकलने वाले पत्रों में संपादकों को अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता थी परंतु अब पत्रकारिता पूर्ण व्यवसाय है। पत्रकारों की तनख्वाह भी लाखों तक पहुंची है और इसी कारण नाम और पद के आकर्षण का केंद्र है।
पीत पत्रकारिता, फेक पत्रकारिता, पेड न्यूज और सेलेब्रिटी पत्रकारिता आदि क्षेत्रों में आज जिस तरह से नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, डॉ मिश्र ने बहुत सी जानकारी दी। अच्छे-बुरे सभी प्रोफेशन में मिलते हैं। पत्रकारिता का क्षेत्र कठिन डगर है। भाषा की दक्षता और शैली के साथ-साथ पत्रकार यदि ईमानदार, संयमी, सच्चा और साहसी है तो इस क्षेत्र में जा सकते हैं। अपराध, खोजी, खेल, कृषि, आर्थिक आदि पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्र हैं। प्रभात खबर की वरिष्ठ पत्रकार भारती जैनानी ने भी अपने विचार रखे।
ताजा टीवी और भारतीय भाषा परिषद के संयुक्त तत्वावधान में भवानीपुर कॉलेज की कार्यशाला में 200 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया और 80 लोगों ने गूगल मीट पर भाग लिया। अंत में, एक रिपोर्टिंग प्रतियोगिता का विषय भी दिया गया जिसका परिणाम आना बाकी है। धन्यवाद ज्ञापन भारतीय भाषा परिषद की ओर से वरिष्ठ अधिकारी विमला पोद्दार ने विश्वंभर नेवर, प्रो दिलीप शाह प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी, दिव्या ऊडीशी और कार्यक्रम संयोजक डॉ वसुंधरा मिश्र को दिया। वहीं कार्यशाला की तकनीकी सहयोगी गौरव किल्ला, अदिति, साक्षी को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने।

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