पीएम पोषण योजना बना मिड डे मील

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नयी दिल्ली : देश भर के सरकारी और प्राथमिक विद्यालयों में बांटा जाने वाला राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन योजना अर्थात मिड डे मील का नाम भारत सरकार ने बदल कर पोषण योजना रख दिया है। सालों पुरानी इस योजना से देश भर के कई विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। सरकारी स्कूलों में मिलना वाला मिड डे मील भोजन अब देश भर में पीएम पोषण योजना के तहत जाना जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुई आर्थिक मंत्रिमंडलीय समिति की एक बैठक में इस प्रस्ताव को पारित कर दिया गया है। गौरतलब बात है कि भारत सरकार ने इस योजना में कई बदलावों को भी मंजूरी दी है, जो आने वाले समय में हमें इस योजना के भीतर देखने को मिलेंगे। इन बदलावों का सीधा फायदा भारत के कई गरीब छात्रों को मिलेगा। इसी कड़ी में आइए जानते हैं कि भारत सरकार ने पोषण योजना के भीतर क्या बड़े बदलाव किए हैं।
आपको बता दें कि मध्याह्न योजना की शुरुआत साल 1995 में की गई थी। इसका उद्देश्य देश भर में प्राथमिक स्कूलों के छात्रों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना था। इस योजना के कई सकारात्मक बदलाव देशभर के स्कूलों में देखने को मिले हैं। कहा जा रहा है कि इससे देश भर के 11.20 लाख स्कूलों के 11.80 करोड़ बच्चे लाभान्वित होंगे। इस योजना में हुए बदलावों के तहत तिथि भोजन की अवधारणा को भी शामिल किया गया है। इसमें त्योहारों या खास अवसरों पर बच्चों को विशेष प्रकार का भोजन दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार पीएम पोषण योजना के क्षेत्र में वाटिका (प्री स्कूल) के भी बच्चे आएंगे। इसके अलावा सरकारी, सरकारी सहायता-प्राप्त स्कूलों में पहली कक्षा से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को भी पोषण योजना के तहत खाना मिलेगा। इसके अलावा पोषण योजना में किसान उत्पादक संगठनों और महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जाएगा। आपको बता दें कि इस योजना में सोशल ऑडिट को अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं महत्वपूर्ण जिलों में बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने के लिए भी कई विशेष प्रावधान किए गए हैं।

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