पुरुष भी हो रहे हैं एसिड अटैक का शिकार, 30 से 40 प्रतिशत पुरुष पीड़ित

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नयी दिल्ली : जब भी हम एसिड अटैक की खबर सुनते हैं, तो हमारे जेहन में एक लड़की की तस्वीर उभरती है। चेहरा छुपाए एक लड़की, पट्टियों में लिपटी एक लड़की, चीखती-चिल्लती और इंसाफ की गुहार लगाती एक लड़की। इसकी वजह है कि एसिड अटैक की शिकार ज्यादातर लड़कियां होती हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है कि सिर्फ महिलाओं पर ही तेजाब फेंका जाता है, पुरुषों पर भी एसिड अटैक हो रहे हैं। नेशनल क्राइम ब्यूरो रिकॉर्ड (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के मुताबिक, एसिड अटैक के कुल पीड़ितों में से 30 से 40 फीसदी संख्या पुरुषों की है।

हिसार: विदेश जा रहे युवक पर प्रेमिका ने फेंका तेजाब
हरियाणा के हिसार जिले से 3 सितंबर को खौफनाक खबर सामने आई। विदेश जा रहे युवक पर उसकी प्रेमिका ने तेजाब फेंक दिया। हादसे में गांव डुमरखां कला निवासी 22 वर्षीय शुभम सोनी बुरी तरह झुलस गया। शुभम कनाडा जा रहा था और युवती उस पर शादी का दबाव बना रही थी। शुभम ने कनाडा से लौटने के बाद शादी करने की बात कही, जिससे खफा हो युवती ने तेजाब उड़ेल दिया।
उदयपुर: प्रेम में मिला धोखा तो युवती ने इंजीनियर पर कराया एसिड अटैक
राजस्थान के उदयपुर में प्यार में धोखा खाने वाली इंजीनियर युवती ने सबक सिखाने के लिए सहकर्मी इंजीनियर युवक पर तेजाब हमला करवाया। उदयपुर की सीमेंट फैक्ट्री में कर कर रहे अभिषेक का सहकर्मी युवती से प्रेम संबंध था। नाइजा शादी का दबाव बनाने लगी, तो अभिषेक ने उससे रिश्ता खत्म कर लिया। इससे आहत होकर लड़की ने बॉस के साथ नजदीकियां बढ़ाकर साजिश रची। मई, 2021 में बॉस के भाई से अभिषेक पर तेजाब हमला करवाया।
आगरा: प्रेमिका ने प्रेमी पर फेंका तेजाब, अस्पताल में मौत
उत्तर प्रदेश के आगरा से 25 मार्च 2021 को दिल दहलाने वाली घटना सामने आई। आगरा के हरीपर्वत थाना क्षेत्र में एक युवती ने अपने प्रेमी को घर बुलाया और तेजाब फेंक दिया। तेजाब हमले में बुरी तरह झुलसे कासगंज निवासी देवेंद्र को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, प्रेमी की शादी दूसरी जगह तय होने के कारण युवती नाराज थी। देवेंद्र आगरा की एक लैब में असिस्टेंट का काम करता था, जबकि आरोपी लड़की सोनम एक निजी अस्पताल में नर्स थी।

देश: हर दो दिन में एक एसिड अटैक
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक, हर दो दिन में एक एसिड अटैक की घटना होती है। वहीं कुल एसिड अटैक विक्टिम में से 30-40 फीसदी से ज्यादा संख्या पुरुषों की होती है।

साल दर साल रिपोर्ट किए गए मामले
वर्ष मामले
2014 309
2015 222
2016 167
2017 244
2018 228
2019 240
(स्त्रोत: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो)
एसिड अटैक पीड़ित तीन मरीज में से एक पुरुष
‘हेल्पिंग हैंड’ नाम की संस्था चलाने वाले प्लास्टिक एंड कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. योगी ऐरन अब तक लाखों ऐसे मरीजों की सर्जरी कर चुके हैं, जो एसिड अटैक या फिर जलने के अपने शरीर का कोई अंग खो देते हैं। पद्मश्री पुरस्कार विजेता डॉ. योगी के बेटे और डॉ. कुश ने बताया कि वह संस्था में वालंटियर सर्जन हैं। उनके सामने अब तक सिर्फ तीन एसिड अटैक पीड़ित सर्जरी के लिए आए, जिनमें दो महिलाएं और एक पुरुष था। बता दें कि ‘हेल्पिंग हैंड’ एसिड अटैक के शिकार हुए और आग में जलने वाले गरीब लोगों का निशुल्क इलाज करता है।

(साभार – दैनिक भास्कर)

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