बिहार में सरकार को बताकर करनी होगी दूसरी शादी

0
41

पटना । बिहार में रहकर अगर दूसरी शादी करने की तैयारी कर रहे हैं तो राज्य सरकार ने आपके लिए नयी गाइडलाइंस जारी की है। यह गाइडलाइंस खासतौर से बिहार सरकार में नौकरी करने वालों के लिए है। नीतीश सरकार ने तय किया है कि सरकारी नौकरी में रहते हुए अगर दूसरी शादी करते हैं तो आपको इसके लिए पहले अपने विभाग में सूचना देनी होगी। अनुमति मिलने के बाद ही आप दूसरी शादी कर सकते हैं। अगर अनुमति नहीं लेते हैं तो वह शादी अवैध मानी जाएगी।
बिहार सरकार की गाइडलाइंस में कहा गया है कि किसी सरकारी कर्मचारी को भले ही पर्सनल लॉ के तहत दूसरी शादी करने की अनुमति मिल गई होगी, लेकिन जब तक सरकार से इजाजत नहीं लेते हैं तब तक उनकी शादी विभाग में मान्य नहीं होगी
क्यों किया गया नियम में बदलाव
सरकार के सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में दूसरी शादी के संतान को अनुकंपा नौकरी दिलाने के कई मामले सामने आए थे। कई मामलों में फ्रॉड के मामले भी सामने आए थे। इसके बाद सरकार ने तय किया है कि बिहार सरकार के किसी भी कर्मचारी को दूसरी शादी करने से पहले अपने विभाग में सूचित करना होगा। तभी उनकी असामयिक मौत होने पर दूसरी पत्नी से हुए संतान को अनुकंपा पर नौकरी मिल पाएगी।
दूसरी शादी को लेकर बिहार सरकार की नई गाइडलाइंस के मुताबिक जो भी सरकारी सेवा में रहते हुए दूसरी शादी के इच्छुक कर्मचारियों को सरकार को पहले सूचित करना होगा। अगर सरकार से अनुमित लेने के बाद दूसरी शादी करेंगे तभी सेवा में रहते हुए असामयिक मौत पर जीवित पत्नियों या इनके बच्चे को अनुकंपा का फायदा मिलेगा। हालांकि गुजारा पेंशन या अनुकंपा नौकरी देने में पहली पत्नी को ही प्राथमिकता दी जाएगी। इसको लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के प्रमुखों, डीजीपी, अनुमंडलीय आयुक्त, सभी जिलों के अधिकारियों को आदेश जारी किया है।। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि दूसरी शादी करने वाले लोगों को इसका रजिस्ट्रेशन कराना भी अनिवार्य है। इसमें बताया गया है कि दूसरी शादी के बाद अनुकंपा के तहत नौकरी का लाभ तभी मिलेगा, जब उन्होंने सरकार से परमिशन ले रखी हो और विधिसम्मत शादी रचाई हो। इस तरह के मामलों में सरकार के स्तर से तय तमाम नियम-कायदों का पालन करना जरूरी माना जाएगा।
इसमें यह भी कहा गया है कि अगर किसी मामले में एक से ज्यादा शादी वैध हो, तब भी सभी जीवित पत्नियों का अनुकंपा के आधार पर बहाली के लिए आश्रितों की श्रेणी में पहला स्थान ही होगा। इसमें भी पहली पत्नी को ही प्राथमिकी दी जाएगी। अन्य पत्नी जब तक अनापत्ति शपथ-पत्र जमा न करें तब तक उनके बहाली पर विचार नहीं किया जाएगा।

Previous articleजब जज साहब ने बच्चों की मिसाल देकर काम जल्दी शुरू करने पर दिया जोर
Next articleअगले साल 23 सितंबर से शुरू होंगे एशियन गेम्स
शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

3 × five =