बुजुर्गों को नहीं भरना होगा आयकर रिटर्न

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नयी दिल्ली : आयकर विभाग ने 75 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की छूट के लिए घोषणा फॉर्म को अधिसूचित कर दिया है। यह फॉर्म वरिष्ठ नागरिकों को बैंकों में जमा कराना होगा। वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में पेंशन आय और उसी बैंक में सावधि जमा (एफडी) पर ब्याज पाने वाले 75 साल और अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को कर रिटर्न दाखिल करने से छूट का प्रावधान पेश किया गया है। इन वरिष्ठ नागरिकों को एक अप्रैल से शुरू हुए वित्त वर्ष के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की जरूरत नहीं होगी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए नियमों और घोषणा फॉर्म को अधिसूचित कर दिया है। वरिष्ठ नागरिकों को यह फॉर्म बैंक में जमा कराना होगा, जो पेंशन और ब्याज आय पर कर काटकर उसे सरकार के पास जमा कराएंगे। आयकर दाखिल करने की छूट उन्हीं मामलों में मिलेगी जिनमें ब्याज आय उसी बैंक से प्राप्त होगी जहां पेंशन जमा होती है। आयकर कानून के तहत एक निर्धारित सीमा से अधिक की आय वाले सभी लोगों को रिटर्न दाखिल करना होता है। वरिष्ठ नागरिकों (60 साल या अधिक) और अत्यंत वरिष्ठ नागरिकों (80 साल और अधिक) के लिए यह सीमा कुछ अधिक है। कर रिटर्न दाखिल नहीं करने पर जुर्माना तो लगता है और साथ ही संबंधित व्यक्ति को अधिक स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) देना पड़ती है। नांगियां एंड कंपनी एलएलपी के निदेशक इतेश दोधी ने कहा कि अनुपालन के बोझ को कम करने के लिए 75 साल और अधिक के वरिष्ठ नागरिकों को बजट में कुछ राहत दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के अपने बजट भाषण में कहा था कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर सरकार 75 साल और अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों पर अनुपालन के बोझ को कम करेगी।

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