भवानीपुर कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट ड्राइव

0
28

कोलकाता । भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज ने कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया।इसके लिए दस कंपनियाँ मौजूद थीं। प्रमुख कंपनियों में प्लेक्सस प्रबंधन सेवाएं, जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, अंत्योदय व्यवसाय प्रा. लिमिटेड, कानून बिंदु प्रकाशन, रिवर्स फैक्टर,कोफुकु टेक्नोलॉजीज प्रा. लिमिटेड, अडांसा सॉल्यूशन प्रा. लिमिटेड, लीवरेज्ड ग्रोथ प्रा. लिमिटेड, टोपुनी नेटवर्क, एरुडाइट रहीं। प्लेसमेंट ड्राइव का संचालन प्रो. मीनाक्षी चतुर्वेदी, प्रो. दिव्या पी उदेशी के साथ छात्र मामलों के डीन प्रो. दिलीप शाह ने किया। कुल 153 छात्रों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 75 को शॉर्टलिस्ट किया गया। कॉलेज उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता है।अक्षिता सूरी और डॉ वसुंधरा मिश्र ने कार्यक्रम की जानकारी दी ।

प्रोग्रामिंग भाषा पायथन पर परिचर्चा

– भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज के प्लेसमेंट हॉल में प्रोग्रामिंग भाषा पायथन पर ‘पायथन का परिचय’ विषय पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई। प्रारंभ में कॉलेज के डीन प्रो. दिलीप शाह ने उद्घाटन भाषण दिया तत्पश्चात कार्यक्रम के संयोजक नेहल मेहता ने कार्यक्रम की रूपरेखा दी। इसके बाद स्पीकर डेटा विश्लेषक धनंजय दास ने इस प्रोग्रामिंग भाषा के विषय में विस्तार से जानकारी दी जो आज के समय में आवश्यक है। डेटा संचालित निर्णय लेने के लिए डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करता है।यह कार्यक्रम पच्चीस अगस्त को सुबह किया गया।
जब किसी व्यक्ति को अपने निर्णयों का समर्थन डेटा के साथ करना हो, न कि केवल पिछले अनुभवों के साथ तब इसकी उपयोगिता है। उपयोग की जाने वाली तकनीक ईआरपी बिजनेस एप्लिकेशन, इंफॉर्मेटिका, एल्टरी एक्स, एसक्यूएल सर्वर, पायथन और पावरबी कुछ नाम हैं। इन उपकरणों के संयोजन से ही व्यक्ति को डेटा प्राप्त होता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी कंपनी का लक्ष्य 5 बिलियन डॉलर प्राप्त करने का है, लेकिन वह केवल 4.5 बिलियन डॉलर ही प्राप्त कर सकती है, तो किसी को बीच की समस्या को देखना होगा। समस्या को पायथन, एक्सेल जैसे उपकरणों के माध्यम से डेटा विश्लेषण के माध्यम से डेटा की पहचान के माध्यम से हल किया जाना है। मशीन लर्निंग पिछले व्यवहार से सीख रहा है और एआईएमएल तकनीक के माध्यम से भविष्यवाणी कर रहा है। परीक्षण परिकल्पनाओं के माध्यम से आउटपुट के प्रति उत्तेजनाओं की प्रतिक्रिया के माध्यम से ग्राहक सेवा में सुधार किया जा सकता है। बिजनेस सिमुलेशन आउटपुट बनाने के लिए इनपुट का एक संयोजन है।

प्रोग्रामिंग भाषा पायथन का आविष्कार 1991 में किया गया था। यह नाम एक प्रचलित टेलीविजन शो पर आधारित था। पायथन एक उच्च-स्तरीय, व्याख्या की गई, वस्तु उन्मुख और अधिक उद्देश्य वाली प्रोग्रामिंग भाषा है। 2008 पायथन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था क्योंकि इसके बाद इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जाने लगा। गुइडो वैन रोसुम द्वारा विकसित इस कोडिंग प्रोग्राम ने इसके उपयोग ने जावा को भी पीछे छोड़ दिया। पायथन एक बहुउद्देशीय कोडिंग एप्लिकेशन है जिसका उपयोग वेब डेवलपमेंट, डेटा एनालिटिक्स, एंड्रॉइड डेवलपमेंट के लिए किया जाता है। पायथन का उपयोग करना आसान है, इसमें संसाधन उपलब्धता है, यह बहु-इंटरफ़ेस और ओपनसोर्स है। सैद्धांतिक पहलुओं के बाद वक्ताओं ने विद्यार्थियों को पायथन की आवेदन प्रक्रिया के विषय में समझाया। अंत में वक्ताओं ने विद्यार्थियों के पायथन संबंधित भ्रमों का भी समाधान किया। हॉल में उपस्थित सौ से अधिक विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। डॉ वसुंधरा मिश्र ने अतिथि वक्ता का कॉलेज मोमेंटो प्रदान कर स्वागत किया।

 

Previous article‘बूंद बूंद गजल’ का लोकार्पण एवं काव्यपाठ का आयोजन
Next articleभवानीपुर कॉलेज में ओपन माइक
शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

nine + 10 =