महाकाल परिसर में मिले 1 हजार साल पुराने मंदिर के अवशेष

0
84

उज्जैन : उज्जैन में महाकाल मंदिर के विस्तारीकरण के दौरान खुदाई में एक प्राचीन मंदिर के अवशेष मिले हैं। माना जा रहा है कि प्राचीन मंदिर करीब एक हजार साल पुराना है, जिसके बाद महाकाल मंदिर की खुदाई रोक दी गई। ऐसे में केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल के निर्देश पर तीन सदस्यीय पुरातत्व विभाग की टीम ने खुदाई स्थल का निरीक्षण किया। जांच के बाद टीम ने महाकाल मंदिर में खुदाई जारी रखने की इजाजत दे दी। हालांकि, खुदाई कर रहे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। पुरातत्व विभाग की टीम का मानना है कि प्राचीन मंदिर से नए इतिहास का पता लगेगा।

25 फीट गहरे गड्ढे में उतर किया निरीक्षण
जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण भोपाल शाखा के पुरातत्वविद पीयूष दीक्षित, खजुराहो संग्रहालय के सहायक अधीक्षक केके वर्मा और मांडू में तैनात इंजीनियर प्रशांत पाटनकर को भेजा। तीनों विशेषज्ञों ने कलेक्टर द्वारा गठित कमेटी के विशेषज्ञ डॉ. रमण सोलंकी और डॉ. आरके अहिरवार के साथ महाकाल मंदिर जाकर खुदाई स्थल का अवलोकन किया। उन्होंने 25 फीट गहरे गड्ढे में उतरकर मंदिर के अवशेषों का निरीक्षण किया।

एएसआई की टीम ने दिए निर्देश
एएसआई की टीम का मानना है कि कलेक्टर ने विक्रम विश्वविद्यालय और शासकीय अधिकारियों की जो कमेटी बनाई है, उसकी निगरानी में खुदाई में निकले मंदिर को सुरक्षित तरीके से निकालकर संरक्षित किया जाएगा। यह कमेटी खुदाई की निगरानी करेगी। यदि कोई पुरातत्व सामग्री मिलती है तो उसका संरक्षण किया जाएगा। विक्रम विश्वविद्यालय के पुरातत्वविदों ने इन अवशेषों को एक हजार साल पुराना बताया।

परमार काल का मंदिर होने का अनुमान
बताया जा रहा है कि खुदाई के बाद मिले इस प्राचीन मंदिर के फिलहाल कुछ जानकारी नहीं मिली हैं। अभी सिर्फ अवशेष दिख रहे हैं। ऐसे में मंदिर कहां तक है, यह कहना मुश्किल होगा। ऐसे में विशेषज्ञों की टीम हर चीज की बारीकी से मुआयना कर रही है। इसके बाद ही मंदिर के ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी मिल पाएगी। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अवशेषों पर नक्काशी परमार काल की लग रही है। यह एक हजार साल पुरानी हो सकती है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

19 − 12 =