माया सभ्यता के नए स्कैन में मिली ‘विशाल दीवार’

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ग्वाटेमाला सिटी : माया सभ्यता की खोज कर रहे पुरातत्वविद उस वक्त हैरान रह गए जब उन्हें एक जंगल के नीचे प्राचीन सभ्यता की एक विशाल दीवार के संकेत मिले। 2000 ईसा पूर्व की सभ्यता के अविश्वसनीय ढांचे आज भी दक्षिणपूर्व मेक्सिको, ग्वाटेमाला, बेलीजे और होंडुरास के पश्चिमी हिस्सों में पाए जाते हैं। अब LIDAR (लाइट डिटेक्शन ऐंड रेंजिंग) टेक्नॉलजी की मदद से पुरातत्वविदों ने जंगलों को डिजिटली हटाकर देखा है। इससे पता चलता है कि कोलंबियाई सभ्यता से पहले के ये निशान जितने जटिल समझे जा रहे थे, उससे कहीं ज्यादा हैं।
एक्सपर्ट प्रफेसर अल्बर्ट लिन ने इतिहासकार डैन स्नो को ‘हिस्ट्री हिट’ पॉडकास्ट के दौरान बताया है कि LIDAR कितना उपयोगी है। उन्होंने बताया है कि हर जगह पर पहले के आकलन के मुकाबले ज्यादा सघन सक्रियता देखी गई है। लिन के मुताबिक यह पहले खोजा गया इलाका ही है और वहीं LIDAR डेटा को देखने से ज्यादा सक्रियता दिखती है।
हजारों साल भी खोज जारी
लिन ने तिकाल क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया है कि यहां ज्यादातर घर ही हैं लेकिन पहले से ज्यादा सक्रियता दिख रही है। कभी माया सभ्यता की राजधानी रहा तिकाल सबसे बड़े पुरातत्वस्थलों में से एक है। हजारों साल बाद भी इससे जुड़े रहस्य खुलते जा रहे हैं। प्रफेसर लिन ने बताया, ‘आप किसी भी दिशा में देखें, सिर्फ 20-30 फीट दिखता है।’ इसलिए एक ही सर्वे को दोबारा नहीं मिल सकता।
ग्रेट वॉल ऑफ माया
उन्होंने बताया है कि हाल ही में एक खोज की गई है जिसे ‘ग्रेट वॉल ऑफ द माया’ कहा जा रहा है। यह एक विशाल दीवार है जो तिकाल को दूसरे शहरों से अलग करती होगी। उन्होंने सवाल किया है कि यह दीवार किसके खिलाफ बनाई जा रही थी। उन्होंने कहा कि बाद में वॉचटावरों जैसे ढांचे उत्तर और दक्षिण में मिलने लगे। इससे पता चलता है कि पुरातनकाल में समाज कैसे संपर्क करता था।
(नवभारत टाइम्स)

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