याद किये गये कवि मंगलेश डबराल और अस्ताद देबू

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कोलकाता : महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के क्षेत्रीय केंद्र, कोलकाता में प्रतिष्ठित कवि मंगलेश डबराल और समकालीन नृत्यकार अस्ताद देबू के असमय निधन पर एक शोक सभा की गई। सावित्रीबाई फुले सभा कक्ष में आयोजित इस शोक सभा में केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार ‘सुमन’ ने मंगलेश डबराल के नहीं रहने को हिंदी साहित्य की बड़ी और अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि मंगलेश जी जितने प्रतिबद्ध व लोकप्रिय रचनाकर थे, उतने ही सहज-सरल इंसान भी। उन्होंने कविता में ही नहीं, बल्कि पत्रकारिता में भी नए मापदंड स्थापित किए थे। अस्ताद देबू पर केंद्र के सहायक संपादक राकेश श्रीमाल ने कहा कि उन्होंने भारत में समकालीन नृत्य की शुरुआत की थी और उसे ऊंचाइयों पर पहुचाया था। इस शोक सभा में केंद्र के कर्मी डॉ आलोक कुमार सिंह और सुखेन शिकारी भी उपस्थित थे। इसमें अंत में दो मिनट का मौन धारण करके श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।

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