याद रहेंगी सदाबहार मुस्कान वाली तब्बसुम

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आजादी के पहले जन्मीं बॉलीवुड एक्ट्रेस तबस्सुम गत 18 नवम्बर को दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गईं। बता दें कि 78 साल की तबस्सुम ने महज 3 साल की उम्र से कैमरे के सामने एक्टिंग करना शुरू कर दिया था। इसके बाद ये सिलसिला करीब 75 सालों तक जारी रहा। हालांकि तबस्सुम फिल्मों से तो दूर थीं, लेकिन अपने फैन्स के दिल के करीब रहीं हैं। फिल्मों से ब्रेक लेने के बाद तबस्सुम टीवी के साथ सोशल मीडिया पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराती रहीं है। साथ ही यूट्यूब के जरिए आखिरी सांस तक लोगों से जुड़ी रहीं। तबस्सुम के निधन की खबर से जहां बॉलीवुड शोक में डूबा है, वहीं लोग उनकी फिल्में सुहाग, मंझधार, बारी बहन और दीदार में उनके बेहतरीन अभिनय को याद कर रहे हैं।

3 साल की उम्र से शुरू किया था अभिनय

आपको बता दें कि एक्ट्रेस तबस्सुम का जन्म 9 जुलाई 1944 में मुंबई में हुआ था। तबस्सुम के पिता अयोध्या नाथ सचदेव एक फ्रीडम फाइटर थे और शहीद भगत सिंह के साथियों में से एक थे। तबस्सुम का करियर महज 3 साल की उम्र से ही बाल कलाकार के तौर पर शुरू हो गया था। साल 1947 में नरगिस में तबस्सुम ने बाल कलाकार की भूमिका निभाई।

इसके बाद तबस्सुम ने बेजू बावरा, जोगन और दीदार जैसी कई फिल्मों में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर काम किया। दीदार का एक मशहूर गाना ‘बचपन के दिन भुला ना देना’ में तबस्सुम ने अपने अभिनय की छाप छोड़ी थी। इसके बाद तबस्सुम ने कई फिल्मों में लीडिंग हीरोइन के तौर पर काम किया।

दूरदर्शन के शो ने दिलाई पहचान

हालांकि तबस्सुम को फिल्मों से ज्यादा दूरदर्शन पर आए उनके प्रोग्राम ‘फूल खिले हैं गुलशन गुलशन’ ने शौहरत दिलाई। इस शो को होस्ट करने के दौरान तबस्सुम को काफी पहचान मिली। तबस्सुम इसके बाद लगातार काम करती रहीं। कभी टीवी तो कभी फिल्मों में नजर आने वाली तबस्सुम भले ही आजादी के पहले पैदा हुईं थीं, लेकिन खयाल पूरी तरह आजाद थे।

यूट्यूब चैनल के ज़रिए जुड़ी रहती थी प्रशंसकों के साथ

पुराने दौर का होने के बाद भी तबस्सुम आज के दौर के सशक्त माध्यम डिजिटल दुनिया में भी पूरी तरह सक्रिय थीं। 78 साल में भी तबस्सुम इंस्टाग्राम जैसे ऐप पर भी अपनी एंट्री दर्ज कराती थी। इतना ही नहीं तबस्सम अपनी आखिरी सांस तक एक यूट्यूब चैनल चलाती रहीं जिसका नाम है तबस्सुम टाकीज। इस यूट्यूब चैनल के जरिए तबस्सुम पुरानी फिल्मों के किस्से और उनसे जुड़ी रोचक जानकारी सुनाया करती थीं।

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