युवाओं की काव्य प्रतिभा को निखारने का मंच बना ‘भावधारा’

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कोलकाता : बंगीय हिंदी परिषद के कक्ष में युवाओं की संस्था ‘भावधारा’ ने अपना दूसरा ओपन माइक कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम उन युवाओं के लिए था जिन्हें मंच और मौके की तलाश रहती है।भावधारा अभिव्यक्ति को केंद्र में रख कर विविध भाषा और विधाओं को प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम की शुरुआत उन दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देकर की गई जिन्हें कोरोना ने अपने कोख में समा लिया। रचनाकारों और दर्शकों की सार्थक उपस्थिति के बीच निखिता पांडे, पार्वती शॉ, कौशिक दास, शालिनी सिंह, तियासा मंडल, अंकिता गुप्ता, ॠतिका साह, ब्यूटी कुमारी, संध्या चौरसिया, सागर शर्मा ‘आजाद’, रंजन मिश्रा , विश्वरूप साह ‘परीक्षित’ ने हिंदी और बांग्ला में काव्य पाठ तथा आवृत्ति किया, वहीं अनूप भदानी ने हास्य व्यंग्य सुनाया। नन्हीं कवियत्री कोमल शर्मा ने अपनी आवृत्ति से सभी को मंत्रमुग्ध कर लिया। भोजपुरी के युवा कवि-गीतकार दीपक सिंह, हिंदी के प्रतीक प्रवीण और उर्दू गज़लकार अमीर माविया और दीपक मालाकार ने अपने जौहर से समा बांधा। अपने साज और गीत से मो. आरिफ ने समा बांधा। शहर की प्रतिष्ठित गज़लकार निशा कोठारी जी की उपस्थिति से सभी युवाओं में काफी प्रसन्नता थी।
कार्यक्रम के संयोजन में स्नेहाशीष पांडे, विकास मिश्रा, अमन प्रसाद, मैथिली झा, राजेश सिंह, ज्वाला मुखी राम, गायत्री उपाध्याय तथा रजनीश मिश्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ‘भावधारा पूर्ण रूप से युवाओं द्वारा बनाई गई नई परिकल्पना है तथा हर उस व्यक्ति का सम्मान करती है जिसके पास भाव की सघन पूंजी है भले वह किसी भाषा और विधा में हो’ उक्त बातें बंगीय हिंदी परिषद के संयुक्त मंत्री रणजीत कुमार ‘संकल्प’, कवि रमाकांत सिन्हा और विनोद यादव ने समापन के दौरान कही। कार्यक्रम का संचालन भानु प्रताप पांडेय ने और धन्यवाद ज्ञापन अनूप यादव ने किया। अंत में बंगीय हिंदी परिषद के मंत्री डॉ राजेंद्र नाथ त्रिपाठी और अध्यक्ष डॉ राजश्री शुक्ला ने इस पहल की सराहना करते हुए आशीर्वाद संदेश भेजा।

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