ये रही लोन मोराटोरियम की जानकारी

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नयी दिल्ली : केंद्र सरकार ने कर्जदारों को बड़ी राहत दी है। उसने बैंकों से कर्ज लेने वालों को एक तरह से दिवाली का उपहार तोहफा देते हुए 2 करोड़ रुपये तक के कर्ज पर ब्याज से राहत देने की घोषणा की। यह राहत सभी कर्जदारों को मिलेगी, चाहे उन्होंने किश्त भुगतान से छ: महीने की दी गयी छूट का लाभ उठाया हो या नहीं। शीर्ष अदालत ने 14 अक्टूबर को केंद्र को निर्देश दिया था कि वह कोविड-19 महामारी के मद्देनजर रिजर्व बैंक की किस्तों के भुगतान से छूट की योजना के तहत दो करोड़ रुपए तक के कर्ज पर ब्याज माफ करने के बारे में यथाशीघ्र निर्णय ले। उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि आम लोगों की दिवाली अब सरकार के हाथों में है।

क्या है लोन का मोराटोरियम पीरियड
लॉकडाउन की घोषणा के बाद 27 मार्च को रिजर्व बैंक ने बैंकों से कर्जधारकों को 3 महीने के लिए ईएमआई से राहत देंने को कहा था। पहले इसे 1 मार्च से 31 मई तक लागू किया गया था। बाद में इसे 31 अगस्त तक बढ़ा दिया गया।
सरकार पर पड़ेगा 6500 करोड़ का भार
वित्तीय सेवा विभाग ने उच्चतम न्यायालय के द्वारा ब्याज राहत योजना लागू करने का निर्देश दिए जाने के बाद इसके परिचालन के दिशानिर्देश जारी कर दिए। इस योजना के क्रियान्वयन से सरकारी खजाने पर 6,500 करोड़ रुपए का बोझ पड़ने का अनुमान है।
किसे मिलेगा फायदा
मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार कर्जदार विनिर्दिष्ट ऋण खातों पर एक मार्च से 31 अगस्त 2020 के लिए इस योजना (ब्याज राहत) का लाभ उठा सकते हैं। जिन कर्जदारों के ऋण खाते की मंजूर सीमा या कुल बकाया राशि 29 फरवरी तक 2 करोड़ रुपए से अधिक नहीं है, वे इस योजना का लाभ उठाने के पात्र होंगे।
कर्जदारों को लौटाना होगा पैसा
योजना के तहत, कर्ज देने वाले संस्थानों को योजना की अवधि के लिए पात्र कर्जदारों के संबंधित खातों में संचयी ब्याज व साधारण ब्याज के अंतर की राशि जमा करनी होगी। योजना में कहा गया है कि कर्जधारक ने रिजर्व बैंक के द्वारा 27 मार्च 2020 को घोषित किस्त भुगतान से छूट योजना का पूर्णत: या अंशत: लाभ का विकल्प चुना हो यह नहीं, उसे ब्याज राहत का पात्र माना जायेगा।
कर्ज राहत योजना का लाभ उन कर्जधारकों को भी मिलेगा जो नियमित किस्तों का भुगतान करते रहे। कर्ज देने वाले संस्थान दी गई छूट के तहत संबंधित राशि कर्जधारक के खाते में जमा करने के बाद केंद्र सरकार से उसके बराबर राशि पाने के लिए दावा करेंगे।
इन लोगों को नहीं मिलेगा फायदा
दिशा-निर्देशों में बताई गई पात्रता शर्तों के अनुसार, 29 फरवरी तक इन खातों का मानक होना अनिवार्य है। मानक खाता उन खाताओं को कहा जाता है, जिन्हें गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) नहीं घोषित किया गया हो।
इन ऋणों पर होगा फायदा
इस योजना के तहत होम लोन, एजुकेशन लोन, क्रेडिट कार्ड बिल, वाहन ऋण, एम एस एम ई ऋण , टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद ऋण और उपभोग ऋण के धारकों को लाभ मिलेगा।

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