रिलायंस रिटेल ने अर्बन लैडर में 96 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी

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182 करोड़ रुपये में हुआ सौदा

नयी दिल्ली : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की रिटेल सब्सिडियरी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) ने होम डेकोर सॉल्यूशन कंपनी अर्बन लैडर की 96% हिस्सेदारी खरीद ली है। यह सौदा 182.12 करोड़ रुपए के कैश ट्रांजेक्शन में हुआ है। आरआरवीएल के पास अर्बन लैडर की शेष हिस्सेदारी खरीदने का भी विकल्प है। इससे कंपनी को अर्बन लैडर की 100% शेयर होल्डिंग मिल जाएगी। आरआईएल की ओर से बीएसई फाइलिंग में कहा गया है कि अभी आरआरवीएल अर्बन लैडर में 75 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। बाकी निवेश दिसंबर 2023 तक पूरा किया जाएगा। भारत में अर्बन लैडर की शुरुआत 17 फरवरी 2012 को हुई थी। अर्बन लैडर होम फर्नीचर और डेकोर उत्पादों की बिक्री से जुड़ा कारोबार करने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म है। साथ ही अर्बन लैडर के देश के कई शहरों में रिटेल स्टोर भी हैं।
वित्त वर्ष 2019 में अर्बन लैडर का टर्नओवर 434 करोड़ रुपये था। वहीं कम्पनी को 49.41 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। वित्त वर्ष 2018 में कंपनी का टर्नओवर 151.22 करोड़ रुपये रहा था, जबकि कम्पनी को 118.66 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था।
इस सौदे से रिलायंस ग्रुप के डिजिटल और न्यू कॉमर्स इनिशिएटिव को मदद मिलेगी। साथ ही अपने ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा उत्पाद उपलब्ध करा सकेगी। इस सौदे से रिलायंस रिटेल को ग्राहक बढ़ाने और बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी। आरआईएल का कहना है कि इस निवेश को सरकारी या रेगुलेटरी अप्रूवल की आवश्यकता नहीं है।
होम डेकोर सॉल्यूशन कंपनी अर्बन लैडर के दिल्ली-एनसीआर, पुणे, बेंगलुरु और चेन्नई में ऑफलाइन स्टोर हैं। कंपनी मुनाफे में आने के बाद ऑफलाइन स्टोर का अन्य शहरों में विस्तार की रणनीति पर काम कर रही थी। साथ ही कंपनी की योजना 2021 में शेयर बाजारों में लिस्टिंग कराने की थी।
मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस ऑनलाइन और ऑफलाइन रिटेल में अपना दबदबा बनाना चाहती है। इसके लिए रिलायंस रिटेल कई कंपनियों में निवेश की योजना बना रही है। अगस्त में रिलायंस रिटेल ने फ्यूचर ग्रुप के रिटेल, होलसेल और लॉजिस्टिक्स कारोबार को 24,713 करोड़ रुपये में खरीदा था। हालांकि, अभी यह सौदा कानूनी फंदों में फंस गया है।

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