वर्धा हिंदी विश्वविद्यालय, कोलकाता केंद्र में ‘विश्व मातृभाषा दिवस’

0
143

कोलकाता : महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के क्षेत्रीय केंद्र, कोलकाता में आज ‘विश्व मातृभाषा दिवस’ का ऑनलाइन आयोजन किया गया। केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार ‘सुमन’ की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन एम.ए हिंदी साहित्य की विद्यार्थी नैना प्रसाद और धन्यवाद ज्ञापन विवेक कुमार साव ने किया। इस अवसर पर केंद्र के विद्यार्थियों द्वारा ‘बहुभाषी रचना पाठ’ के अंतर्गत विविध कविताओं और गीतों की सुंदर प्रस्तुति की गई। भारती कुमारी साव ने ‘एकला चलो रे’, पूजा कुमारी ने उर्दू गज़ल, कुमारी साक्षी ने विवेकी राय की भोजपुरी कविता, प्रीति मण्डल, सुशील कुमार सिंह और विवेक कुमार साव ने स्वरचित कविता, स्वेता कुमारी गुप्ता एवं नैना प्रसाद ने रबीन्द्र संगीत, साक्षी कुमारी झा ने मैथिली गीत, निशा बारी ने नागार्जुन की कविता, स्वाति मिश्र ने बच्चन की मधुशाला और सोनी कुमारी वर्मा ने महादेवी वर्मा की कविता की बेहतरीन प्रस्तुति की। इस अवसर पर बोलते हुए कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ सुनील कुमार ‘सुमन’ ने ‘विश्व मातृभाषा दिवस’ की शुभकामनाएँ देते हुए विद्यार्थियों को उनकी सहभागिता के लिए बधाइयाँ दीं। उन्होंने कहा कि मातृभाषा का संबंध हमारी अस्मिता से होता है, इसलिए हमें सबकी मातृभाषाओं का सम्मान करते हुए अपनी मातृभाषा पर गर्व करना चाहिए। भारत जैसे बहुभाषी देश में सभी भाषाओं का सम्मान और सबके साथ तालमेल करके चलने से ही यहाँ की सांस्कृतिक विविधता को मजबूत रखा जा सकता है। डॉ सुनील ने आदिवासी मातृभाषाओं के संदर्भ को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए मातृभाषा दिवस की महता को बतलाया और बांग्लादेश में अपनी मातृभाषा के लिए शहीद होने वालों को नमन किया। इस आयोजन में दशरथ कुमार यादव, सुमन राय, मनीषा चौधरी, ममता साव, रबींद्र महतो, सोनी कुमारी प्रसाद तथा मोना कुमारी आदि की सहभागिता रही।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

seven − 1 =