व्यवसाय में आचार विचार और नैतिक मूल्यों के महत्व पर वाद-विवाद

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कोलकाता :  भवानीपुर एजकेशन सोसाइटी कॉलेज में जूम पर हुए वाद विवाद प्रतियोगिता” एथिक्स इन बिजनेस” में बहुत से विद्यार्थियों ने पक्ष और विपक्ष में अपनी बात रखी।कुमार आयुष, तिलक गुप्ता, दृष्टि श्राफ, आर्य मन विश्वास, जश बाविशी, गरिमा चांडक आदि विद्यार्थियों ने भाग लिया। चार छात्रों ने पक्ष में अपनी बात रखी, वहीं दो छात्रों ने विपक्ष में अपनी बात कही। कार्यक्रम के प्रमुख संचालक प्रो. मोहित साव ने ऑनलाइन माध्यम पर होने वाले वाद विवाद में विद्यार्थियों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए इस विषय पर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। वहीं चंद्रोमा साहा जो व्यवसायिक क्षेत्र में कई वर्षों से हैं उन्होनें विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी व्यवसाय के एथिक्स किस बात पर निर्भर करते हैं इसके लिए कंपनी के सभी संदर्भों का अध्ययन आवश्यक है। प्रो. उर्मि शुक्ला ने विद्यार्थियों से कहा कि वाद विवाद में आत्मविश्वास और अपने पक्ष और विपक्ष किसी भी विचार पर डटे रह कर पूरे विश्वास से अपनी बात रखें।विद्यार्थियों ने व्यापारिक आचार संहिता और नैतिक मूल्यों की बात रखी जैसे टाटा विश्वसनीय कंपनी है, वहीं मैगी का ग्राफ बहुत तेजी से नीचे की ओर जाने लगा था। इन सभी बातों का संबंध ग्राहकों की मानसिकता से जुड़ा है। खराब उत्पाद भी बिक जाते हैं लेकिन एक दिन वे बाजार में अपनी विश्वसनीयता भी खो देते हैं। एक कंपनी का मालिक अच्छा मनुष्य हो सकता है लेकिन कई बार देखा गया है कि बाद में स्कैम में पकड़ा जाता है। कंपनियों और उनके कानून आदि पर भी विचार किया गया। प्रो. दिलीप शाह ने विद्यार्थियों के साथ इस प्रकार के व्यापार से संबंधित कई अनुभवों को साझा किया। प्रो. उर्मि शुक्ला और प्रो. मोहित साव ने प्रश्नोत्तर काल में विद्यार्थियों को उनकी गलतियों का समाधान किया। बिजनस से जुड़ी चंद्रोमा साहा ने विद्यार्थियों को अपने अनुभव बताए। इस कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने।

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