शिवांगी स्वरूप : प्लेन उड़ाने का सपना देखा था, पूरा भी किया

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इतिहास बना देंगी यह पता नहीं था

बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली शिवांगी स्वरूप भारतीय नौसेना में पायलट बनने वाली पहली महिला हैं। भारतीय नौसेना में वैसे तो 400 से अधिक महिला नौसैनिक व अधिकारी हैं, लेकिन सभी प्रशासनिक, अकादमिक, संचार और शैक्षिक सेवाओं में हैं। शिवांगी नौसेना में शामिल होने के बाद पायलट बनने वाली पहली महिला हैं। दिसंबर 2019 में कोच्चि नेवल बेस पर ऑपरेशनल ड्यूटी ज्वॉइन की। फिलहाल ड्रोनियर सर्विलांस एयरक्राफ्ट उड़ाएंगी। इस विमान को कम दूरी के समुद्री मिशन पर भेजा जाता है।
एसएसबी के जरिए हुआ नेवी में चयन
शिवांगी ने वर्ष 2010 में डीएवी पब्लिक स्कूल से सीबीएसई 10वीं की परीक्षा 10 सीजीपीए के साथ पास की थी। साइंस स्ट्रीम से 12वीं करने के बाद इंजीनियरिंग की। एम. टेक में दाखिला भी लिया। फिर SSB की परीक्षा के जरिए नेवी में सब लेफ्टिनेंट के रूप में चयनित हुईं। करीब डेढ़ साल की ट्रेनिंग के बाद उनका चयन नौसेना में पहली महिला पायलट के लिए किया गया।
पायलट तो बनना था, इतिहास बनाना नहीं सोचा था
शिवांगी कहती हैं कि बचपन से प्लेन उड़ाने की इच्छा थी। घर वालों से अक्सर बात होती थी कि मेरी पायलट बनने की तमन्ना है। लेकिन, यह नहीं सोचा था कि ऐसा करने से कोई इतिहास बन जाएगा। वह कहती हैं- “मैं तो मौके की तलाश करते-करते नेवी में आ गई थी। आखिर यहीं मुझे पायलट बनने का मौका मिल गया।” शिवांगी बिहार की लड़कियों के लिए मिसाल हैं, लेकिन वह कहती हैं कि खुद को लड़का-लड़की के अंतर से निकालना जरूरी है। हरेक की अपनी क्षमता है और जो भी अपनी क्षमता को प्रतिभा से निखारते हुए टाइम मैनेजमेंट के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ेगा, उसे मुकाम हासिल होना ही है।
(साभार – दैनिक भास्कर)

 

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