शुभजिता दीपोत्सव – पटाखे चलाएं मगर सावधानी से

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दीपावली हर किसी को खुशियां, मस्ती और जश्न मनाने के ढेरों मौके देती है, लेकिन कई बार छोटी-छोटी लापरवाहियों से त्योहार की सारी खुशियों पर नजर लग जाती है। कई बच्चे दौड़-भाग में गिर जाते हैं, जिससे हाथों-पैरों में चोट लग जाती है। कुछ बच्चे बड़े-बड़े बम, रॉकेट बिना बड़ों की उपस्थिति में जलाने लगते हैं, जिससे हाथ-पैर जलने की संभावना बढ़ जाती है। दिवाली के दिन इस तरह की दुर्घटनाएं आम हैं। ऐसे में पटाखे जलाते समय जरूरी है कुछ सेफ्टी टिप्स और फर्स्ट एड के बारे में जान लेना, ताकि समय रहते सही उपचार

हाथ-पैर जलने पर क्या करें
बच्चों के हाथ-पैर यदि पटाखे जलाते समय जल जाएं, तो 10 मिनट तक नल के नीचे हाथ-पैर पर पानी डालें। इससे जलन कम होगी।त्वचा को ठंडक मिलेगी।
जले हुए जगह को कपड़े या तौलिए से रगड़ें नहीं, बल्कि उसके ऊपर जल्दी से कोई एंटीसेप्टिक क्रीम लगाएं। इससे जली हुई त्वचा को आराम मिल जाएगा।
उसके बाद मेडिकल पट्टी से जली हुई त्वचा को कवर कर दें, ताकि धूल-मिट्टी घाव पर ना चिपके। घाव खुला छोड़ने से संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है।
यदि ज्यादा जल गया है, तो डॉक्टर से जरूर मिल लें
हो सकता है जलने पर डॉक्टर टेटनस का इंजेक्शन लगाने की सलाह दे। इससे शरीर में संक्रमण नहीं फैलता।

हाथ-पैर जलने पर क्या ना करें
जलने पर बर्फ ना लगाएं। इससे त्वचा छिल सकती है।
कुछ लोग घरेलू उपचार में जले हुए स्थान पर टूथपेस्ट लगाने के लिए कहते हैं, आप भूलकर भी ऐसा ना करें।
त्वचा पर छाले हो जाएं, तो उन्हें नाखून से छेड़ें नहीं, इससे जलन होने के साथ ही इंफेक्शन भी हो सकता है।

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