साहित्यिकी संस्था में होली मिलन 

0
390

कोलकाता : साहित्यिकी संस्था ने जूम अॉन-लाइन पर होली मिलन मनाया जिसमें अट्ठारह से अधिक सदस्याओं ने अपनी रचनात्मक ऊर्जा से सरोबार किया। गीत संगीत कविताएं होली के विविध अनुभव और हास्य व्यंग्य की पिचकारियों ने सभी के तन मन को उमंग और उत्साह से पूर्ण कर दिया ।नमिता जायसवाल, उमा झुनझुनवाला, पूनम पाठक,  विद्या भंडारी, कुसुम जैन, सुषमा हंस, सविता पोद्दार, मंदिरा भट्टाचार्य, सुधा भार्गव, उर्मिला प्रसाद, वाणीश्री बाजोरिया, बबिता मांधडा़, उषा श्राफ, रंजना पाठक, सरिता बैंगानी, नुपूर अशोक, वसुंधरा मिश्र आदि सदस्याओं ने अपने गीत संगीत और कविताओं हास्य व्यंग्य की विविध रचनाओं से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। साजन होली आई( फणीश्वरनाथ रेणु जी की कविता), लोक गीतों में कन्हैया कहे चलो गुंइया, अवधी, राजस्थानी, हिंदी के गीतों ने श्रोताओं का दिल जीत लिया। दुर्गा व्यास, आशा जायसवाल आदि पचास से अधिक सदस्याओं और श्रोताओं ने होली मिलन समारोह में उपस्थिति दर्ज कराई। फेसबुक पर भी इस कार्यक्रम को लाइव देखा गया।
नुपूर अशोक और वाणी मुरारका तकनीकी व्यवस्था को बनाए रखने में सहायक बनीं।सचिव गीता दूबे ने कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की। अंत में, साहित्यिकी संस्था की अध्यक्ष कुसुम जैन ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन किया डॉ वसुंधरा मिश्र ने।

Previous articleट्राम में एक याद
Next articleराष्ट्रीय पुस्तकालय कोलकाता में स्वच्छता पखवाड़ा सम्पन्न
शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

13 + 18 =