सीआईएससीई : बगैर मेधा सूची के ऑनलाइन घोषित हुए आईसीएसई और आईएससी के नतीजे

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नयी दिल्ली/ कोलकाता :  कोरोनाकाल का असर इस साल परीक्षाओं पर ही नहीं बल्कि परीक्षा परिणाम पर भी पड़ रहा है और मौजूदा हालात के बीच मेधा सूची पर इसका असर पड़ा है। तमाम समस्याओं के बीच काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एक्जामिनेशन  (सीआईएससीई)  ने आईसीएसई (10वीं) और आईएससी (12वीं) के नतीजे तो घोषित कर दिये मगर इस बार मेधा सूची जारी नहीं की जा सकी है। दसवीं का रिजल्ट 99.33 प्रतिशत गया वहीं बारहवीं का कुल पास प्रतिशत गया 96.8 प्रतिशत. दसवीं यानी आईसीएसई में कुल 207902 परीक्षार्थियों  ने परीक्षा दी थी जिनमें से 206525 स्टूडेंट्स ही परीक्षा पास कर पाए। काउंसिल के चीफ एक्जिक्यूटिव एवं सचिव जेरी आराथुन ने नतीजों की जानकारी दी। इस वर्ष सीआईएससीई की परीक्षा का परिणाम परंपरागत नियमों को तोड़ते हुए जारी किया गया। अन्य वर्षों की भांति संवाददाता सम्मेलन कर परीक्षा का परिणाम घोषित न करते हुए वर्ष 2020 की सीआईएससीई का रिजल्ट काउंसिल ने ऑनलाइन ही जारी कर दिया।     बताया जाता है कि शुक्रवार को ही देश के सभी स्कूल अपने लॉग इन आईडी की मदद से पूरे स्कूल का परिणाम तो जान लेंगे किन्तु कोरोना परिस्थिति के कारण विद्यार्थियों को मार्कशीट व सर्टिफिकेट बाद में प्रदान की जाएगी। साथ ही अन्य वर्षों की तरह इस वर्ष ना तो देश भर के मेधावी विद्यार्थियों की सूची जारी की गयी और ना सीआईएससीई ने राज्य की मेधा सूची जारी की। सीआईएससीई काउंसिल से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष देशभर से आईसीएसई (10वीं) की परीक्षा 2, 07, 902 परीक्षार्थियों ने दी थी। इनमें से 1,12,668 परीक्षार्थी छात्र (54.19 प्रतिशत) और छात्राओं की संख्या 95,234 (45.81 प्रतिशत) रही। इनमें से 2,06,525 परीक्षार्थी सफल हुए। वहीं देशभर से आईएससी (12वीं) की परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों की कुल संख्या 88,409 रही, जिसमें से 47,429 (53.65 प्रतिशत) परीक्षार्थी छात्र और 40,980 (46.35 प्रतिशत) परीक्षार्थी छात्राएं रही। यानी आईसीएसई और आईएससी दोनों स्तरों में परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं की तुलना में छात्रों की संख्या अधिक रही।

पश्चिम बंगाल की बात की जाए तो इस वर्ष आईसीएसई की परीक्षा राज्य के 382 स्कूलों और आईएससी की परीक्षा 270 स्कूलों के विद्यार्थियों ने दी थी। राज्य भर से कुल 62,316 परीक्षार्थियों ने सीआईएससीई की परीक्षा दी। इनमें से आईसीएसई (10वीं) की परीक्षा 37,258 परीक्षार्थियों ने दी थी और आईएससी (12वीं) की परीक्षा 25,058 परीक्षार्थियों ने दी थी। सीआईएससीई के कुल 61,373 परीक्षार्थी की वर्ष 2020 की परीक्षा में सफल हुए। आईसीएसई के कुल परीक्षार्थियों में 20,783 (55.78 प्रतिशत) परीक्षार्थी छात्र और 16,475 ( 44.22 प्रतिशत) परीक्षार्थी छात्राएं थीं। इस वर्ष सफल होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या 36,920 रही। वहीं आईएससी के कुल परीक्षार्थियों में 13,800 (55.07 प्रतिशत) परीक्षार्थी छात्र और 11,258 (44.93 प्रतिशत) परीक्षार्थी छात्राएं रही। राज्य में आईएससी के 24,453 परीक्षार्थी सफल रहे।
गौरतलब है कि इस वर्ष आईसीएसई की परीक्षा 26 फरवरी को शुरु होकर 28 मार्च में समाप्त होने वाली थी। वहीं आईएससी की परीक्षा 7 फरवरी को शुरु होकर 2 अप्रैल को समाप्त होने वाली थी। किन्तु इस बीच देश में कोरोना वायरस का प्रकोप फैल गया और देशव्यापी लॉकडाउन कर दिया गया। इस वजह से सीआईएससीई की परीक्षा को बीच में ही स्थगित कर दिया गया। देश में कोरोना वायरस के लगातार फैलते संक्रमण को देखते हुए केन्द्रीय मानव संसाधन विकास विभाग (एमएचआरडी) ने बाद में परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया। इसके बाद शुक्रवार को सीआईएससीई का परिणाम घोषित कर दिया गया किन्तु कोरोना काल के कारण उत्पन्न वर्तमान परिस्थिति के कारण इस वर्ष काउंसिल ने मेधा तालिका घोषित नहीं करने का निर्णय लिया।

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