सुशीला बिड़ला गर्ल्स स्कूल को चौथी बार आईडीएस 2020 -23 सम्मान

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कोलकाता : सुशीला बिड़ला गर्ल्स स्कूल को चौथी बार स्कूल में चौथी बार इंटरनेशनल डाइमेंशन इन स्कूल, 2020-2023 (पूर्व में आई एस ए) से सम्मानित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र के स्थायी विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए 21 शताब्दी के वैश्विक मुद्दों के अनुरूप पाठ्यक्रम के विषयों को शामिल किया गया है। स्कूल की निदेशक शर्मिला बोस के अनुसार यह एक मूल्यपरक शिक्षा है जिसमें लचीलापन है और छात्राओं को यह पसन्द है। स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती दे ने इस कार्य में शामिल सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। परियोजना के माध्यम से, ‘द किंगडम ऑफ डॉल्स’ कक्षा 11, 5 और के जी की छात्राओं के बीच एक मजबूत सम्बन्ध स्थापित किये जा सके और विद्यार्थियों को सांस्कृतिक विभिन्नता की जानकारी देने के साथ रीति -रिवाजों से भी अवगत करवाया गया। इस तरह के कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एजीएम (एच आर), एल एच ओ. कोलकाता ने कहा जीवन में विभिन्नता एक रंग की तरह है और विद्यार्थी अलग – अलग संस्कृतियों के बारे में जान पाते हैं। बर्ड्स ऑफ ए फीदर; फ्लॉक टुगेदर के लिए आयोजित नर्सरी स्पोर्ट्स मीट की मुख्य अतिथि मीनाक्षी बिड़ला ने विद्यार्थियों को सराहा।
साझा परियोजना ‘एबलिंग माइंड डिसाइडिंग माइंडसेट ’ न्यूजर्सी की अर्ली चाइल्डहुड सेंटर बर्कली की मेरी के मैकमिलन के साथ 3 शिक्षण व सीखने की रणनीतियों के बारे में छात्राओं ने जाना। यह एडीएचडी और मुख्यधारा की छात्राओं को ध्यान में रखकर तैयार की गयी थी और इस आदान – प्रदान से छात्राओं को काफी लाभ हुआ।
कलकत्ता विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और अतिथि प्रवक्ता मेघा राठी ने शिक्षा को समावेशी बनाने वाले उस प्रयास की सराहना की।
‘टेस्टेसेंस : टेस्ट बियॉन्ड बाउड्रीज ‘ में छात्राओं ने साझा तौर पर ब्रिटिश स्कूल ऑफ जिनेवा, स्विटजरलैंड और फ्रांस के इकोले जीन डे-आर्क, प्लेडेलिक, के अपने साथियों के साथ भाषायी दिक्कतों से उबरकर काम किया। एसबीजीएस से शुभश्री सेनगुप्ता दास ने बताया कि इसके तहत भोजन की बर्बादी को लेकर जागरूक करने की कोशिश की गयी।
चूंकि महामारी के कारण फ्रांसीसी विनिमय यात्रा को रद्द करना पड़ा था, इसलिए एक्शन प्लान के साथ संरेखित करने के लिए कुछ गतिविधियां और साझा सत्र डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किए गए थे। प्रोजेक्ट ‘नेचर केसेस’ के लिए सौर सेल और पनबिजली के हस्तनिर्मित पोस्टर को डिजिटल रूप से बनाया गया और इसके बजाय ईमेल के माध्यम से साझा किया गया। परियोजना के लिए the एसिमिलेशन कल्चरल ’के छात्रों ने परियोजना के दौरान त्योहारों, वेशभूषा, लोककथाओं पर प्राप्त ज्ञान को अपने साथियों के साथ गूगल मीट मंच के माध्यम से भागीदार स्कूल में साझा किया परियोजना की प्रभाारी व संयोजक श्वेता सरकार और जयता साहा थीं।

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