स्नेह देसाई ने भवानीपुर एडूकेशन सोसायटी कॉलेज के विद्यार्थियों को दिए जीवन के मूलमंत्र

0
81

कोलकाता : भवानीपुर एडुकेशन सोसायटी कॉलेज के प्लेसमेंट सभागार में देश – विदेश में प्रसिद्धी प्राप्त मोटिवशनल गुरु स्नेह देसाई ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस अवसर पर कॉलेज के डीन प्रो दिलीप शाह ने कॉलेज का स्मृति चिह्न देकर देसाई को सम्मानित किया। तीन सौ से अधिक विद्यार्थियों ने प्रेरक भाषण से लाभ उठाया। जन्म से लेकर मृत्यु तक चलने वाले जीवन में सभी को अपना लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। देसाई ने कहा कि जीवन में कुछ पाने के लिए अपने आरामदायक दायरे से निकल कर ही कुछ हासिल किया जा सकता है।बिना किसी लक्ष्य के जीवन दिशा हीन हो जाता है इसलिए अपने लक्ष्य बनाएं और उनको हमेशा अपने सामने रखें। यह बात कोई मायने नहीं रखती कि आप क्या चाहते हैं बल्कि उसको पूरा करने के लिए आप कितने सजग और समर्पित हैं। अपने लक्ष्य पर केंद्रित होना होगा। अपने व्यक्तित्व को निखारने में आपकी बॉडी लैंग्वेज बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है। एक आर्मी अॉफिसर को तन कर ही खड़ा होना होता है। अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है तभी सपनों को पूरा कर सकते हैं। अच्छे रिश्ते, स्वास्थ्य, धन और सफलता के उच्चतम शिखर पर पहुंचने के लिए अपने जीवन के लक्ष्य को निर्धारित करना चाहिए। देसाई ने कहा कि जब जागो तभी सवेरा है। देसाई को शब्दों का जादूगर कहा गया है। जीवन में आई निराशा, अहंकार, भय, नकारात्मक सोच, घृणा, अज्ञानता जैसे विचारों को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा से भर देते हैं देसाई।
भवानीपुर एडुकेशन सोसायटी कॉलेज के विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में कई प्रश्नों के द्वारा अपनी जिज्ञासाओं के उत्तर प्राप्त किये । परेश रावल, रामदेव बाबा, शाहरूख खान, दीपक जालान, स्मृति इरानी आदि बड़ी-बड़ी हस्तियों ने मोटिवेशनल और माइंड पावर को महत्वपूर्ण माना है। देश विदेश में हर क्षेत्र में रिकॉर्ड तोड़ने वालों ने लोगों को प्रेरित किया है।प्रो दिलीप शाह ने इस प्रेरक स्पीच को महत्वपूर्ण माना और कहा कि सभी इस प्रकार की बातें करते हैं और जानते हैं लेकिन किसी का कहा हुआ हमें प्रभावित कर जाता है। वहीं प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी ने कहा कि जीवन में समस्याओं को नजरअंदाज कर हमें लक्ष्य पर केंद्रित होना चाहिए। गरीबी के कारण लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकती, यह अपवाद है। देसाई ने चार्ली चेपलीन की प्रसिद्धि को रेखांकित किया कि मौन भाषा की फिल्म आज भी लोकप्रिय है। इस अवसर पर कॉलेज के सभी शिक्षकगणों की उपस्थिति रही।शिक्षक डॉ दिव्येष शाह, प्रो चंदन, रिबैका, डॉ वसुंधरा मिश्र और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

five × three =