हिन्दू नववर्ष पर ‘राष्ट्रीय कवि संगम’ पश्चिम बंगाल का कवि सम्मेलन

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कोलकाता : “असली नया वर्ष अपना यही है/ पश्चिम का करना नकल क्या सही है।” राष्ट्रीय कवि संगम, पश्चिम बंगाल इकाई द्वारा हिन्दू नववर्ष के पावन अवसर पर एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया,जिसकी अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष डॉ.गिरिधर राय ने की। यह कार्यक्रम गूगल मीट डिजिटल पटल पर आयोजित हुआ। इस गोष्ठी में कोलकाता के गणमान्य डॉ. गिरिधर राय (अध्यक्ष, पश्चिम बंगाल), आर पी सिंह (महामंत्री, पश्चिम बंगाल) तथा बलवंत सिंह (मंत्री,पश्चिम बंगाल) की उपस्थिति में मीना शर्मा (अध्यक्ष, दक्षिण 24 परगना) के स्वागत भाषण से कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ। रीमा पाण्डेय ने सरस्वती वंदना का गायन प्रस्तुत किया। कवि सम्मेलन में गिरिधर राय ने अपनी नयी कविता हिन्दू नववर्ष के कुछ छंद सुनाये- -‘असली नया वर्ष अपना यही है/ पश्चिम का करना नकल क्या सही है’ , रामपुकार सिंह पुकार गाजीपुरी ने कहा- ‘जिये इक दूसरे खातिर सही संस्कार आ जाये/सफल नव वर्ष हो सबका उचित व्यवहार आ जाये’। गोष्ठी में शामिल अन्य कवि थे-रीमा पाण्डेय, जय प्रकाश पाण्डेय, रमाकांत सिन्हा, सुषमा राय पटेल, सीमा सिंह, देवेश मिश्र, निखिता पाण्डेय और अभिषेक पाण्डेय ने अपनी-अपनी स्वरचित कविता से नये वर्ष को नये रंग में ऐसा रंगा कि सभी श्रोतागण काव्य रस में सराबोर होकर झूम उठे।
कार्यक्रम का संचालन युवा रचनाकार निखिता पाण्डेय और अभिषेक पाण्डेय ने किया। पश्चिम बंगाल के प्रांतीय अध्यक्ष श्री गिरिधर राय ने अपनी उपस्थिति के साथ सभी का उत्साहवर्द्धन किया और अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए नए वर्ष की शुभकामनाएं दी तथा प्रांतीय मंत्री बलवंत सिंह ने युवा रचनाकारों से जुड़ी संभावनाओं को प्रोत्साहित किया। पश्चिम बंगाल के महामंत्री राम पुकार सिंह ने अपनी आशावादी कविता के माध्यम से इस विकट परिस्थिति से स्वयं को सुरक्षित रखने की सलाह दी और नववर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रांतीय मंत्री बलवंत सिंह गौतम ने सभी कवियों, अतिथियों और श्रोताओं को अपना अमूल्य समय देकर कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु हार्दिक धन्यवाद दिया।

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