उद्योगों की स्थापना के लिए कई जगहों पर भूमि चिह्नित कर रही है राज्य सरकार

कोलकाता । मर्चेन्ट्स चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने हाल ही में राज्य की उद्योग, वाणिज्य, उद्यम एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ.शशि पांजा के साथ एक परिचर्चा सत्र आयोजित किया । सत्र को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों के विस्तार के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है और इसके लिए वेस्ट बंगाल इंडस्ट्रियल प्रोमोशन बोर्ड के तहत 8 विभाग लाए गए हैं जिससे उद्योगों की स्थापना योग्य भूमि की पहचान की जा सके । राज्य सरकार की नीतियों के तहत पर्यटन पर विशेष जोर दिया जा रहा है । उत्तर बंगाल में चाय पर्यटन आकर्षण का केन्द्र बन रहा है । न्यू चमता और रायदक बागान में चाय उत्पादन के उपयोग में नहीं लाई जा रही भूमि को पर्यटन के लिए उपयोग में लाया जा रहा है । चमता में में मेफेयर होटल बन रहा है मगर भूमि के उपयोग के लिए कुछ मापदंड निर्धारित किये गये हैं । यह भूमि सस्ते आवासों एवं होम स्टे के लिए भी इस्तेमाल की जाएगी । इनमें से सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सबसे रघुनाथपुर से गुजरते हुए अमृतसर-दानकुनी फ्रेट कॉरिडोर के किनारे 8000 एकड़ गैर कृषि भूमि की पहचान थी जहां कई उद्योग लगने की सम्भावना थी । इंडस्ट्रियल प्रोमोशन बोर्ड ने पुरुलिया की जंगल सुन्दरी एवं क्रमनगरी को उद्योगों की स्थापना के लिए चिह्नित किया गया है और इसे रेड, ऑरेंज एवं ग्रीन जोन में विभाजित किया गया है । पुरुलिया में लौह एवं स्टील उद्योग की स्थापना के अवसर हैं । मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अमृतसर – डानकुनी मार्ग के कल्याणी तक विस्तार करने एवं उत्तर बंगाल को जोड़ने के लिए एक और रेलवे कॉरिडोर के निर्माण का प्रस्ताव दिया है । पश्चिम बंगाल की स्टील ईकाइयों को ओडिशा से लौह अयस्क मुहैया करवाने को लेकर पांजा ने कहा कि ओडिशा के मुख्यमंत्री ने इस बाबत हुई एक बैठक में इस पर सहमति जतायी है पर समय लगेगा । उन्होंने कहा कि आसनसोल के पास ढाकेश्वरी कॉटन मिल के लिए 193 एकड़ भूमि, दुर्गापुर के निकट मंगलपुर में विशाल भूमि, बेलूर में 100 एकड़ भूमि. जहाँ कभी नेस्को था, चिह्नित की गयी है । स्वागत भाषण एमसीसीआई के अध्यक्ष नमित बाजोरिया ने दिया जबकि उपाध्यक्ष प्रीति. ए. सुरेका ने धन्यवाद दिया ।

एमसीसीआई में कैपिटल मार्केट कॉन्क्लेव, निवेशकों के हितों पर जोर


कोलकाता । मर्चेंट्स चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने कैपिटल मार्केट कॉन्क्लेव आयोजित किया । सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नीलेश शाह और मार्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के संस्थापक और मुख्य निवेश अधिकारी सौरभ मुखर्जी उपस्थित थे । कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नीलेश शाह ने कहा कि आईटी क्षेत्र की तरह ही स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र भारत में लंबी अवधि के लिए विकास को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका में खपत होने वाली 40 फीसदी दवाएं भारत में बनती हैं। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के अलावा, “हमें अपने डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने, मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाने की आवश्यकता होगी ।
मार्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के संस्थापक और मुख्य निवेश अधिकारी सौरभ मुखर्जी ने कहा कि स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र भारत में विकास का नेतृत्व करेगा, लेकिन भौतिक बुनियादी ढाँचा, कर संरचना में बदलाव, बैंकिंग सुधार और भारत स्टैक- डिजिटल बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने से विकास को बढ़ावा मिला है। मुखर्जी ने कड़ी मेहनत पर जोर दिया और कहा कि भारत में निवेशकों को बढ़ने का अवसर दिया जाना चाहिए । विकास को सक्षम करने के लिए एक प्रवाहकीय नियामक वातावरण होना चाहिए। शाह ने कहा कि बाजार में सफल होने के लिए लंबी अवधि के आधार पर अच्छी कंपनियों में निवेश करना चाहिए और बाजार में बने रहना चाहिए। एमसीसीआई के अध्यक्ष श्री नमित बाजोरिया ने स्वागत भाषण दिया। अन्य वक्ताओं में अर्जव बिल्डर्स की निदेशक दिवा जैन,एमसीसीआई की कैपिटल मार्केट काउंसिल के चेयरमैन रवि जैन, शामिल थे। स्टार्ट अप पर एमसीसीआई काउंसिल के अध्यक्ष प्रतीक चौधरी ने धन्यवाद दिया।

शुभजिता

शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।