छात्रों के जीवन में आज हिंदी का क्या स्थान है, इस पर चिंतन की आवश्यकता है : प्रो. संजय द्विवेदी

हिंदीभाषा डॉट कॉम के स्थापना दिवस पर लेखकों को किया गया सम्मानित

इंदौर : आज भारत सबसे अधिक युवाओं वाला देश है,लेकिन इन युवाओं का बहुत अधिक लाभ देश को नहीं हो रहा है। आज का युवा दिन पर दिन भाषायी रूप से कमजोर होता जा रहा है। विद्यार्थियों के जीवन में आज हिंदी का क्या स्थान है, इस विषय पर चिंतन की आवश्यकता है। यह विचार प्रख्यात लेखक व मीडिया गुरु प्रोफेसर संजय द्विवेदी ने व्यक्त किए। वे इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में हिंदीभाषा डॉट कॉम की तरफ से आयोजित लेखकों के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा का ज्ञान होना एक भारतीय की ताकत है। जिस व्यक्ति को जितनी अधिक भाषाओं का ज्ञान होता है, वह उतना ही अधिक महत्वपूर्ण व धनवान होता है। आज तकनीकी ने हमारे एकांत को भी कोलाहल से भर दिया है। इसके लिए हमें आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। वहीं हिंदीभाषा डॉट कॉम के संस्थापक-सम्पादक अजय जैन ने हिंदीभाषा डॉट कॉम की अनवरत यात्रा,पोस्ट कार्ड अभियान, विद्यालयों एवं मंच पर स्पर्धा की जानकारी सबके साथ साझा की। इस अवसर पर विवि के प्रभारी कुलपति डॉ. आशुतोष मिश्रा , डॉ.सोनाली नरगुंदे , डॉ. अनुराधा शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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