जब निभाना हो सासू माँ से रिश्ता

शादी केवल दो इंसानों को नहीं बल्कि दो परिवारों को जोड़ती है। शादी के बाद जब लड़की अपने ससुराल आती है तो उस दौरान वह परिवार का केंद्र बन जाती है। ऐसे में रिश्तों के भीतर तारतम्यता स्थापित करना उसके लिए एक चुनौती भरा काम हो जाता है। नए परिवार के साथ घुलने-मिलने में थोड़ा समय तो जरूर लगेगा। शादी के बाद नए परिवार में आने के बाद लड़की को सास अगर बहु समझदारी और प्रेम का परिचय दे तो सास के साथ एकजोड़ता स्थापित हो सकती है और कोशिश करिए कुछ इस तरह –
अपना रवैया बदलें
अगर आपकी सास आपके हर काम में कमियां ढूंढतीं हैं और उनकी ये आदत खत्म होने की बजाए दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में जरुरत है कि आप अपने रवैये में बदलाव करें। हर काम में आप उनको सफाई देने की बजाए शांत रहने की कोशिश करें। बेवजह की नोकझोंक उनके साथ बंद कर दें। हो सकता है कि आपके द्वारा प्रतिउत्तर ना करने से आपकी सास का व्यवहार बदल जाए। ऐसे में संयम से काम लेना बेहतर होगा।
तारीफ करने दें
ज्यादा से ज्यादा अपनी सास की तारीफ कीजिए। अगर वो अपनी तारीफ खुद करती हैं तो उनकी हां में हां मिलाइए। ऐसे में आप दोनो की नोकझोंक कब खत्म हो जाएगी पता भी नही चलेगा।
तकरार से बचें पर बात जरूर करें
आपको ऐसा लगता है कि ज्यादा बात करने से सास के साथ झगड़े की आशंका बन जाती है तो समझदारी इसी में है कि चुप रहें। उनको बहस करने का एक भी मौका मत दीजिए। उनके साथ तकरार से करने से बचिए मगर बात बन्द न करें। उनके साथ उनकी तरह बनें….आपसी समझदारी बढ़ेगी।
जरूरत पड़े तो बच्चे को लेकर बात करें
अपने बच्चे और सास के बीच के रिश्ते में बाधा ना बनें मगर जरूरत पड़े तो बात जरूर करें। दादी और पोता-पोती के बीच का रिश्ता काफी मधुर होता है। वो आपसे ज्यादा आपके बच्चों को प्यार करेंगी।  बच्चे अपने ग्रैंड पैरेंट्स से बहुत कुछ सीखते भी हैं। वो उन्हें सही गलत की समझ भी हमेशा देते हैं मगर कई बार लाड़ – प्यार में गलतियाँ नजरअन्दाज भी करते हैं। ऐसी स्थिति में विनम्रता और समझदारी के साथ अपनी बात समझाएँ। बात जरूर बनेगी।
आदेश न दें मगर मदद लें
आप घर की बहू हैं कोई मशीन नहीं कि सारे काम एकसाथ कर लेंगी। आप उतना ही काम करें जितना आप कर सकती हैं। जरूरत से ज्यादा काम की वजह से तनाव, थकान और चिड़चिड़ापन होगा। आप सासू माँ से बात करके अपनी परेशानी बाँट सकते हैं। बात करने के लहजे पर ध्यान दें। प्रेम और विनम्रता से बात करेंगी तो उनको अच्छा लगेगा और वह बिन कहे ही आपकी परेशानी को समझकर आपकी मदद के लिए आ जायेंगी…मगर पहल आपको करनी होगी।

 

शुभजिता

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