1 लाख 20 हजार में बिक गये तुलसी के 12 आम

0
123

जमशेदपुर : जमशेदपुर में एक व्यक्ति ने सड़क किनारे बिक रहे 12 आम के लिए एक लाख 20 हजार (1.20 लाख) रुपये कीमत चुकायी है। सड़क किनारे 1.20 लाख रुपये में आम बेचने वाली लड़की जमशेदपुर निवासी 12 वर्षीय तुलसी कुमारी है। उसके 12 आम के लिए 1.20 लाख रुपये चुकाए हैं मुम्बई की कंपनी वैल्युएबल एडुटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने। कंपनी ने तुलसी कुमारी से मात्र एक दर्जन आम 1.20 लाख रुपये में खरीदे हैं। ताकि सड़क किनारे आम बेचने वाली वो गरीब लड़की फिर अपनी पढ़ाई शुरू कर सके। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई करने के लिए तुलसी को एक स्मार्ट मोबाइल फोन की आवश्यकता थी।
जमशेदपुर के स्ट्रैट माइल रोड के आउट हाउस में अपने माता-पिता के साथ रहने वाली और 5वीं कक्षा की छात्रा तुलसी विगत दिनों कीनन स्टेडियम के पास लॉकडाउन के दौरान आम बेच रही थी। तुलसी ने बताया कि वह 5000 रुपये कमाना चाहती थी, ताकि वह एक मोबाइल फोन खरीद सके और अपनी ऑनलाइन पढ़ाई फिर से शुरू कर सके। स्मार्ट फोन के अभाव में वह अपनी ऑनलाइन पढ़ाई शुरू नहीं कर पा रही थी। कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी। तुलसी के प्रति लाखों लोग सहानुभूति व्यक्त करने लगे।

सोशल मीडिया से मिली जानकारी
मुम्बई स्थित वैल्यूएबल एडुटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अमेया हेटे को सोशल मीडिया के जरिये इसकी जानकारी मिली तो वो सिर्फ सहानुभूति व्यक्त करने तक नहीं रुके। उन्होंने 10,000 रुपये प्रति आम के हिसाब से लड़की से 12 आम 1,20,000 रुपये में खरीद लिये। उन्होंने पूरी राशि तुलसी के पिता के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी। साथ ही उन्होंने तुलसी को पत्र लिखा “आपकी दृढ़ता और संघर्ष की कहानी को मीडिया द्वारा आगे लाया गया था और वर्षा जहांगीरदार द्वारा मेरे संज्ञान में लाया गया था। आप जैसे कई छात्र हैं जो आवश्यक बुनियादी ढांचे की कमी के कारण ऑनलाइन सीखने के नये युग का सामना करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मैं वास्तव में इस तथ्य से प्रभावित हूं कि आपने हार नहीं मानी और इससे निपटने के लिए संघर्ष किया। आपने साबित कर दिया है कि ‘जहां चाह है, वहां राह है’। आपने ‘इच्छा’ दिखाई है, हम ‘रास्ता’ खोजने में आपकी मदद कर रहे हैं।”
शिक्षिका बन गरीब बच्चों को पढ़ाना चाहती है तुलसी
तुलसी बताती हैं कि लॉकडाउन के कारण उसके पिता की नौकरी छूटने के बाद परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहा था। तुलसी पढ़ना चाहती थी, लेकिन मोबाइल फोन न खरीद पाने की वजह से पढ़ाई नहीं कर पा रही थी। तुलसी ने बताया कि अब वह स्वयं पढाई करेगी और साथ में दो बहनें रोशनी तथा दीपिका को भी पढ़ाएगी। उसका सपना है कि तीनों बहनें शिक्षिकाएं बनकर गरीब बच्चों के बीच शिक्षा का प्रसार करेंगी, जिससे कोई भी गरीब शिक्षा से वंचित न रह सके।

Previous articleलघु बचत वाली योजनाओं की ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं
Next articleजानिए अपने जरूरी कानूनी अधिकार
शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

five + 3 =