106 को पद्म सम्मान,6 हस्तियों को पद्म विभूषण, 9 को पद्म भूषण और 91 को पद्मश्री पुरस्कार

नयी दिल्ली । गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित पद्म पुरस्कारों में कई चर्चित और नये नाम हैं । यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया है। 3 बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में रक्षामंत्री रहे मुलायम सिंह का पिछले साल 10 अक्टूबर को निधन हो गया था। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के डॉ. दिलीप महालनोबिस को पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। ओआरएस के जनक और मशहूर बाल चिकित्सक डॉ. दिलीप महालनोबिस का 88 साल की उम्र में पिछले साल निधन हो गया। डॉ. दिलीप महालनोबिस को बांग्लादेश युद्ध के दौरान लाइफ सेविंग सॉल्यूशन को विकसित करने और ओरल रीहाइड्रेशन थेरपी को प्रचलित करने का श्रेय दिया जाता है। ओआरएस को मेडिसिन में 20वीं शताब्दी की महान खोज करार दिया गया। इस बार 6 हस्तियों को पद्म विभूषण सम्मान दिया गया है। पद्म भूषण सम्मान 9 और पद्मश्री पुरस्कार 91 लोगों को दिया गया है।
चिकित्सा (बाल रोग) के क्षेत्र में ओआरएस के जनक दिलीप महालनोबिस को पद्म विभूषण (मरणोपरांत) दिया जाएगा। तेलंगाना के 80 वर्षीय भाषा विज्ञान प्रोफेसर बी. रामकृष्ण रेड्डी को साहित्य और शिक्षा (भाषाविज्ञान) के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। कांकेर के गोंड ट्राइबल वुड कार्वर अजय कुमार मंडावी को कला (लकड़ी पर नक्काशी) के क्षेत्र में पद्मश्री से नवाजा जाएगा।
3 दशकों से अधिक समय से मिज़ो सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करने वाले आइज़वाल के मिज़ो लोक गायक के.सी. रनरेमसंगी को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। जलपाईगुड़ी के 102 वर्षीय सरिंदा वादक मंगला कांति रॉय को कला (लोक संगीत) के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा।
प्रख्यात नागा संगीतकार और नवप्रवर्तक मोआ सुबोंग को कला (लोक संगीत) के क्षेत्र में पद्म श्री से नवाजा जाएगा। चिक्काबल्लापुर के वयोवृद्ध थमाटे प्रतिपादक मुनिवेंकटप्पा को कला (लोक संगीत) के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ी नाट्य नाच कलाकार डोमार सिंह कुंवर को कला (नृत्य) के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा।

पद्म विभूषण सम्मान इन्हें मिलेगा-

1. बालकृष्ण दोषी (मरणोपरांत)
2. जाकिर हुसैन
3. एसएम कृष्णा
4. दिलीप महालनबीस (मरणोपरांत)
5. श्रीनिवास वराधन
6. मुलायम सिंह यादव (मरणोपरांत)

पद्म भूषण सम्मान-

1. एसएल भैरप्पा
2. कुमार मंगलम बिड़ला
3. दीपक धार
4. वानी जयराम
5. स्वामी चिन्ना जियार
6. सुमन कल्याणपुर
7. कपिल कपूर
8. सुधा मूर्ति
9. कमलेश डी पटेल

पद्म श्री सम्मान

1. डॉ. सुकमा आचार्य, अध्यात्मवाद, हरियाणा
2. जोधैयाबाई बैगा, कला, मध्य प्रदेश
3. प्रेमजीत बारिया, कला, दादरा-नगर हवेली
4. उषा बारले, कला, छत्तीसगढ़
5. मुनीश्वर चंदावर, चिकित्सा, मध्य प्रदेश
6. हेमंत चौहान, कला, गुजरात
7. भानुभाई, चित्र कला, गुजरात
8. हेमोप्रोवा, कला, असम
9. नरेंद्र चंद्र देबबर्मा (मरणोपरांत), पब्लिक अफेयर्स, त्रिपुरा
10. सुभद्रा देवी, कला, बिहार
11. खादर वल्ली डुडेकुला, साइंस एंड इंजीनियरिंग, कर्नाटक
12. हेम चंद्र गोस्वामी, कला, असम
13. प्रितिकाना गोस्वामी, कला, पश्चिम बंगाल
14. राधा चरण गुप्त, साहित्य एवं शिक्षा, उत्तर प्रदेश
15. मोदाडुगु विजय गुप्ता, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, तेलंगाना
16. अहमद हुसैन और मो हुसैन, कला, राजस्थान
17. दिलशाद हुसैन, कला, उत्तर प्रदेश
18. भीकू रामजी इदाते, सामाजिक कार्य, महाराष्ट्र
19. सी आई इस्साक, साहित्य और शिक्षा, केरल
20. रतन सिंह जग्गी, साहित्य और शिक्षा, पंजाब
21. बिक्रम बहादुर जमातिया, सामाजिक कार्य, त्रिपुरा
22. रामकुईवांगबे जेने, सामाजिक कार्य, असम
23. राकेश राधेश्याम झुनझुनवाला (मरणोपरांत), व्यापार एवं उद्योग, महाराष्ट्र
24. रतन चंद्र, चिकित्सा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
25. महीपत कवि, कला, गुजरात
26. एम एम कीरावनी, कला, आंध्र प्रदेश
27. आरिज खंबाटा (मरणोपरांत), व्यापार और उद्योग, गुजरात
28. परशुराम, कला, महाराष्ट्र
29. गणेश नागप्पा, विज्ञान और इंजीनियरिंग, आंध्र प्रदेश
30. मगुनी चरण, कला, ओडिशा
31. आनंद कुमार, साहित्य एवं शिक्षा, बिहार
32. अरविन्द कुमार, विज्ञान एवं अभियांत्रिकी, उत्तर प्रदेश
33. डोमर सिंह कुंवर, कला, छत्तीसगढ़
34. रिशिंगबोर कुर्कलांग, कला, मेघालय
35. हीराबाई लोबी, सामाजिक कार्य, गुजरात
36. मूलचंद लोढ़ा, सामाजिक कार्य, राजस्थान
37. रानी मचैया, कला, कर्नाटक
38. अजय कुमार मंडावी, कला, छत्तीसगढ़
39. प्रभाकर भानुदास मंडे, साहित्य एवं शिक्षा, महाराष्ट्र
40. गजानन जगन्नाथ माने, सामाजिक कार्य, महाराष्ट्र
41. अंतर्यामी मिश्रा, साहित्य और शिक्षा, ओडिशा
42. नादोजा पिंडीपापनहल्ली मुनिवेंकटप्पा, कला, कर्नाटक
43. प्रो. (डॉ.) महेंद्र पाल, साइंस एंड इंजीनियरिंग, गुजरात
44. उमा शंकर पाण्डेय, सामाजिक कार्य, उत्तर प्रदेश
45. रमेश परमार और शांति परमार, कला, मध्य प्रदेश
46. डॉ. नलिनी पार्थसारथी, चिकित्सा, पुडुचेरी
47. हनुमंत राव, मेडिसिन, तेलंगाना
48. रमेश पतंगे, साहित्य और शिक्षा, महाराष्ट्र
49. कृष्णा पटेल, कला, ओडिशा
50. के कल्याणसुंदरम पिल्लई, कला, तमिलनाडु
51. वी पी अप्पुकुट्टन पोडुवल, सामाजिक कार्य, केरल
52. कपिल देव प्रसाद, कला, बिहार
53. एस आर डी प्रसाद, स्पोर्ट्स, केरल
54. शाह रशीद अहमद कादरी, कला, कर्नाटक
55. सी वी राजू, कला, आंध्र प्रदेश
56. बख्शी राम, साइंस एंड इंजीनियरिंग, हरियाणा
57. चेरुवायल के रमन, कृषि, केरल
58. सुजाता रामदोराई, साइंस एंड इंजीनियरिंग, कनाडा
59. अब्बारेड्डी नागेश्वर राव, विज्ञान और इंजीनियरिंग, आंध्र प्रदेश
60. परेशभाई राठवा, कला, गुजरात
61. बी रामकृष्ण रेड्डी, साहित्य और शिक्षा, तेलंगाना
62. मंगला कांति रॉय, कला, पश्चिम बंगाल
63. के सी रनरेमसंगी, कला, मिजोरम
64. वडिवेल गोपाल और श्री मासी सदइयां, सामाजिक कार्य, तमिलनाडु
65. मनोरंजन साहू, चिकित्सा, उत्तर प्रदेश
66. पतायत साहू, कृषि, ओडिशा
67. ऋत्विक सान्याल, कला, उत्तर प्रदेश
68. कोटा सच्चिदानंद शास्त्री, कला, आंध्र प्रदेश
69. संकुरथ्री चंद्रशेखर, सामाजिक कार्य, आंध्र प्रदेश
70. के शानाथोइबा शर्मा, खेल, मणिपुर
71. नेकराम शर्मा, कृषि, हिमाचल प्रदेश
72. गुरचरण सिंह, स्पोर्ट्स, दिल्ली
73. लक्ष्मण सिंह, सामाजिक कार्य, राजस्थान
74. मोहन सिंह, साहित्य और शिक्षा, जम्मू और कश्मीर
75. थौनाओजम चाओबा सिंह, पब्लिक अफेयर्स, मणिपुर
76. प्रकाश चंद्र सूद, साहित्य और शिक्षा, आंध्र प्रदेश
77. नेहुनुओ सोरही, कला, नागालैंड
78. जनम सिंह सोय, साहित्य एवं शिक्षा, झारखंड
79. कुशोक थिकसे नवांग चंबा स्टैनज़िन, अध्यात्मवाद, लद्दाख
80. एस सुब्बारमन, पुरातत्व, कर्नाटक
81. मो. सुबोंग, कला, नागालैंड
82. पालम कल्याण सुंदरम, सामाजिक कार्य, तमिलनाडु
83. रवीना रवि टंडन, कला, महाराष्ट्र
84. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, साहित्य एवं शिक्षा, उत्तर प्रदेश
85. धनीराम टोटो, साहित्य और शिक्षा, पश्चिम बंगाल
86. तुला राम उप्रेती, कृषि, सिक्किम
87. डॉ. गोपालसामी वेलुचामी, मेडिसिन, तमिलनाडु
88. डॉ. ईश्वर चंद वर्मा, मेडिसिन, दिल्ली
89. कूमी नरीमन वाडिया, कला, महाराष्ट्र
90. कर्मा वांगचू (मरणोपरांत), सामाजिक कार्य, अरुणाचल प्रदेश
91. गुलाम मुहम्मद जाज, कला, जम्मू और कश्मीर

पद्म पुरस्कारों का इतिहास-

पद्म पुरस्कार कला, साहित्य और शिक्षा, खेल, मेडिसिन, सामाजिक कार्य, विज्ञान समेत कई क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियां हासिल करने वाले और विशिष्ट काम करने वालों को दिए जाते हैं। सरकार साल 1954 से भारत रत्न और पद्म विभूषण पुरस्कार दे रही है। पद्म विभूषण में पहले तीन वर्ग थे- पहला वर्ग, दूसरा वर्ग और तीसरा वर्ग। इन वर्गों के नाम को बाद में बदल दिया गया। 8 जनवरी 1955 को एक नोटिफिकेशन जारी किया गया जिसके बाद इन वर्गों का नाम पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री कर दिया गया।

हर वर्ष राष्ट्रपति भवन में पुरस्कार समारोह का आयोजन होता है। इस दौरान पद्म पुरस्कार से सम्मानित हस्तियों को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर और सील वाला सर्टिफिकेट और मेडल दिया जाता है। पुरस्कार से सम्मानित हस्तियों को उनके मेडल की एक प्रतिकृति भी दी जाती है।

पद्म पुरस्कारों की घोषणा हर वर्ष गणतंत्र दिवस के मौके पर की जाती है। हालांकि, 1978, 1979 और 1993 से 1997 तक इनकी घोषणा किन्हीं कारणों की वजह से गणतंत्र दिवस के मौके पर घोषित नहीं हुए थे।

एक वर्ष में दिए जाने वाले पद्म पुरस्कारों की संख्या 120 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। हालांकि, अगर मरणोपरांत और विदेशियों को दिए जाने वाले पुरस्कार शामिल हैं तो ये संख्या 120से ज्यादा भी हो सकती है। पद्म पुरस्कार आमतौर पर मरणोपरांत नहीं दिए जाते हैं लेकिन कुछ मामलों में सरकार मरणोपरांत पुरस्कार देने पर विचार कर सकती है।

(इनपुट – तक्षक पोस्ट डॉट कॉम)

 

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