2030 तक 110 बिलियन टन होगी श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट की क्षमता

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कोलकाता । मर्चेंट्स चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा हाल ही में एमसीसीआई लॉजिस्टिक कन्क्लेव 2022 आयोजित किया गया। इस कन्क्लेव का विषय लॉजिस्टिक्स बियॉन्ड बाउंड्रीज : रिशेपिंग लॉजिस्टिक्स सेक्टर था कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बन्दरगाह, जल परिवहन केन्द्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर उपस्थित थे। अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि विश्व ने पीएलआई एवं राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीतियों को स्वीकार किया है। जल परिवहन इस मामले में बेहद किफायती विकल्प हैं। 2021 में आरम्भ हुआ प्रधानमंत्री गति – शक्ति नेशनल मास्टर प्लान आर्थिक विकास वृद्धि एवं स्थायी विकास का परिवर्तन लाने वाला प्रयास है। यह 7 इंजनों द्वारा संचालित है जिसमें रेलवे, सड़क, बंदरगाह, जलमार्ग, हवाई अड्डे, सार्वजनिक परिवहन और लॉजिस्टिक्स परिवहन माध्यम शामिल हैं । इस मौके पर उपस्थित एशियन डेवलपमेंट बैंक के डिप्टी कन्ट्री डायरेक्टर हो यून जियॉन्ग ने भारत सरकार के साथ पूर्वी तटीय क्षेत्रों में एशियन डेवलपमेंट बैंक के साथ आरम्भ की गयी योजनाओं पर बात की। श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट, कोलकाता के चेयरमैन पी. एल. हरानध ने पी.एम. गति शक्ति योजना और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीतियों की सराहना की। उन्होंने तगा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट की क्षमता 87 मिलियन टन कारगो के वहन की है और यह अभी 60 मिलियन टन कारगो वहन करता है। 2030 तक यह क्षमता बढ़कर 110 बिलियन टन हो जाएगी। उन्होंने कहा कि 2400 करोड़ का निवेश होने की राह पर है और केओपीटी 2030 तक इस पर काम करने लगेगा। 4 हजार एकड़ लैंड बैंक को लेकर पोर्ट परियोजनाओं के लिए निजी क्षेत्रों के साथ काम करने पर विचार किया जा रहा है। स्वागत भाषण देते हुए एमसीसीआई के अध्यक्ष ऋषभ कोठारी ने कहा कि भारत में लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में तकनीक पर दूसरे देशों की तुलना में निवेश कम हो रहा है और इसे बढ़ाने की जरूरत है। एमसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ललित बेरीवाला ने इस सन्दर्भ में घरेलू जरूरतों को पूरा करने पर जोर दिया।
उद्घाटन सत्र में धन्यवाद ज्ञापन एमसीसीआई की लॉजिस्टिक्स, शिपिंग, ट्रान्सपोर्ट एवं शिपिंग काउंसिल के चेयरमैन लवेश पोद्दार ने दिया।


 

ई नॉलेज सत्र में औद्योगिक नीतियों को लचीला बनाने पर जोर


कोलकाता । मर्चेन्ट्स चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एमसीसीआई) ने हाल ही में फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट के डीजी एवं सीईओ डॉ. अजय सहाय के साथ एक वर्चुअल माध्यम पर ई नॉलेज सेशन आयोजित किया। इस अवसर एमसीसीआई के उपाध्यक्ष नमित बाजोरिया ने भारत को विश्व स्तर पर भारतीय व्यापार के 10 प्रतिशत की भागीदारी के लक्ष्य के सन्दर्भ में औद्योगिक नीतियों को लचीला बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पूर्वी एवं दक्षिण – पूर्वी देशों की तुलना में ग्बोबल वैल्यू चेन में भारतीय भागीदारी कम है। फियो के डीजी एवं सीईओ डॉ. अजय सहाय ने कहा कि मजबूत एवं स्थायी निर्यात के लिए मजबूत निर्माण की जरूरत है। उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र में और अधिक एफडीआई की वकालत की। उत्पादों में नयापन और उसके लिए शोध की जरूरत है। धन्यवाद ज्ञापन विदेशी व्यापार से जुड़ी एमसीसीआई की परिषद के चेयरमैन महेश चन्द्र केयाल ने किया।

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