21वीं सदी में विश्व का मार्गदर्शन कर सकती है हिन्दी- प्रो. चक्रधर त्रिपाठी

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कोलकाता : राष्ट्रीय पुस्तकालय कोलकाता द्वारा 1 से 14 सितंबर के दौरान हिंदी पखवाड़ा का आयोजन किया गया। पखवाड़े का शुभारंभ 1 सितंबर से हिंदी प्रतियोगिताओं के साथ किया गया जो 14 सितंबर तक जारी रहा। इस अवधि में संस्थान के हिंदी भाषी तथा हिंदीतर भाषी अधिकारियों/कर्मचारियों/ पाठकों तथा परिजनों के लिए अलग-अलग हिंदी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। संस्थान के कर्मचारियों हेतु निबंध लेखन, टिप्पणी-आलेखन एवं पत्राचार, हिंदी टंकण, आशुभाषण, कविता पाठ प्रतियोगिता तथा पाठकों एवं परिजनों के लिए आशुभाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

हिंदी पखवाड़े का समापन समारोह संस्थान के भाषा भवन के सम्मेलन कक्ष में दिनांक 14 सितंबर 2021 को हिंदी दिवस समारोह के साथ संपन्न हुआ। उक्त समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रो. चक्रधर त्रिपाठी, विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग, विश्वभारती विश्वविद्यालय, प. बं. तथा बतौर विशिष्ट अतिथि सेनानिवृत प्रो. एच. आर. मीणा, केंद्रीय हिंदी संस्थान, क्षेत्रीय प्रभारी उपस्थित थे, जिसकी अध्यक्षता प्रो. अजय प्रताप सिंह, महानिदेशक, राष्ट्रीय पुस्तकालय, कोलकाता ने किया। मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि और अध्यक्ष ने विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार स्वरूप नकद राशि और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। प्रत्येक प्रतियोगिता के विजेताओं को क्रमश: प्रथम पुरस्कार स्वरूप दो हजार रुपये नकद, द्वितीय पुरस्कार एक हजार पांच सौ रुपये नकद और तृतीय पुरस्कार एक हजार रुपये नकद तथा 24 प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में प्रति प्रतिभागी सात सौ रुपये का नकद पुरस्कार भी दिए गए।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी अत्यंत सहज एवं सरल भाषा है। इसको बोलना भी सहज है और लिखना भी। इसलिए हमें अपनी भाषा को गौरवान्वित करना होगा तभी हम विश्व का मार्गदर्शन कर सकते हैं। क्योंकि भारत का उदय ही मानवता के उत्थान के लिए हुआ है। उत्थान हम तभी कर सकते हैं जब अपनी भाषा यानी हिंदी को गौरवान्वित करेंगे। और यह आज की जरूरत भी है। 21वीं सदी में विश्व का मार्गदर्शन हिंदी ही कर सकती है। वहीं विशिष्ट अतिथि ने हिंदी को केवल राष्ट्रीय मंच पर ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर हिंदी को स्थापित करने के लिए कर्मचारियों से हिंदी के प्रयोग पर बल देने के लिए आवाह्न किया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में महानिदेशक महोदय प्रो. अजय प्रताप सिंह ने हिंदी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को बधाई दी एवं हिंदी पखवाड़ा आयोजन समिति के सदस्यों को पखवाड़े के सुचारु ढंग से संचालन के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने सभी कर्मचारियों से राजभाषा कार्यान्वयन से जुड़े नियमों के अनुपालन हेतु आग्रह किया। समारोह के अंत में सुनील कुमार, प्रभारी, हिंदी अधिकारी ने सम्मेलन कक्ष में उपस्थित मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, अध्यक्ष, कर्मचारियों, प्रतिभागियों, संयोजक एवं संचालक का धन्यवाद ज्ञापन किया। हिंदी पखवाड़ा से संबंधित समारोह का मंच संचालन तथा सभी प्रतियोगिताओं का समन्वयन विनोद कुमार यादव, कनिष्ठ हिंदी अनुवादक, राष्ट्रीय पुस्तकालय द्वारा किया गया।

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