76 बच्चों को बचाने वाली हेड कॉन्स्टेबल सीमा ढाका को मिली पदोन्नति

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 नयी दिल्ली :  उत्तरी दिल्ली में समयपुर बादली थाने में तैनात दिल्ली पुलिस की महिला हेड कॉन्स्टेबल सीमा ढाका अब आउट-ऑफ टर्न प्रमोशन अब असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर बन गई हैं। आउट-ऑफ टर्न प्रमोशन पाने वाली वह दिल्ली पुलिस की पहली महिला पुलिसकर्मी हैं। सीमा ढाका को नई इंसेंटिव स्कीम के तहत तीन महीनों के अंदर 76 गुमशुदा बच्चों को ढूंढ निकालने के लिए यह प्रमोशन दिया गया है।

पुलिस कमिश्नर एस.एन. श्रीवास्तव ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में सीमा की वर्दी पर स्टार लगाकर प्रमोशन के लिए उन्हें बधाई दी। सीमा ने कहा कि इतने दिन तक बना ब्रेक के काम करने का आज मुझे परिणाम मिल गया है। मैं इससे बेहद खुश हूं। गुमशुदा बच्चों को उनके माता-पिता के साथ फिर से मिलाना मुझे बहुत खुशी देता है। मुझे खुशी है कि पुलिस कमिश्नर ने मेरे काम को सराहा और पुरस्कृत किया। इससे दूसरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बढ़ौत जिले की रहने वाली सीमा ढाका की शादी शामली जिले के रहने वाले अनिक ढाका से हुई है। अनिक भी दिल्ली पुलिस की सेवा में कार्यरत हैं। सीमा को आउट और टर्न प्रमोशन की खबर से उनके मायके से लेकर ससुराल तक जश्न का माहौल है।

गौरतलब है कि इस साल पांच अगस्त को पुलिस आयुक्त एस.एन. श्रीवास्तव ने गुमशुदा बच्चों को खोजने के काम को प्रोत्साहित करने के लिए यह घोषणा की थी। इसके तहत कोई भी हेड कॉन्स्टेबल या कॉन्स्टेबल अगर एक कैलेंडर वर्ष में 14 साल से कम उम्र के न्यूनतम 50 लापता बच्चों को तलाश करेगा तो उसे आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया जाएगा। हालांकि, इन 50 बच्चों में 15 बच्चों की उम्र आठ साल से कम होनी चाहिए।

सीमा ढाका द्वारा बरामद किए गए बच्चे दिल्ली के विभिन्न थानाक्षेत्रों से गायब हुए थे और इन्हें बिहार, बंगाल एवं देश के अन्य हिस्सों से बरामद किया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगस्त से अब तक पूरी दिल्ली में 1440 बच्चे बरामद किए जा चुके हैं।

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