90 रुपये में खरीदा वास, 300 साल पुराना निकला, 4.4 करोड़ रु. में बिका

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लंदन : यूनाइटेड किंगडम के एक व्यक्ति ने 90 (एक पाउंड) रुपए में हार्टफोर्डशायर चैरिटी शॉप की नीलामी में एक चीनी वास (फूलदान) खरीदा। तब व्यक्ति को वास के महत्व के बारे में पता नहीं था। कुछ दिन बाद व्यक्ति ने इसे ईबे पर बेचने की कोशिश की। यहां से उसे कई ऑफर मिले। इससे व्यक्ति की जिज्ञासा बढ़ी और उसने इसकी नीलामी का फैसला किया। वास को चीन के एक व्यक्ति ने 3.48 करोड़ रुपये में खरीदा। सभी तरह के टैक्स जमा करने के बाद वास की कीमत करीब 4.4 करोड़ रुपये तक पहुंच गयी।
नीलामी में पता चला वास का महत्व
पीले रंग के वास का महत्व जानने के लिए इसे स्टैन्स्टेड माउंटफिटचेट, एसेक्स स्थित स्वोर्डस फाइन आर्ट के नीलामी घर लाया गया। जहां नीलामी के दौरान इससे जुड़ी जानकारी मिली। यह 18वीं सदी के एक चीनी सम्राट कियानलोंग ( शासनकाल-1735 से 1796) के लिए बनाया गया था। वास पर कियानलोंग राजवंश मुहर की मुहर भी लगाई जाती थी। कियानलोंग सम्राट किंग वंश का छठवां सम्राट था। उन्होंने अपने बेटे जियाक्विंग को सम्राट बनाने के लिए राज्य 1796 में त्याग दिया था। इसके तीन साल बाद 1799 में 87 साल की उम्र में उनकी मृत्यु हो गई। कियानलोंग के शासन काल में वास का निर्यात विदेशों को नहीं बेचा जा सकता था। वास पर राजवंश की प्रशंसा में कविता अंकित की जाती थी। इन पर दो अन्य तरह के निशान भी होते थे जो सम्राट कियानलॉन चेन हां का शाही निशान होता था। इसे वेइजिंग वेइयी पढ़ा जाता है।
तीन के भविष्य पर खर्च होगी रकम
स्वोर्डस में एशियन आर्ट डिपार्टमेंट की प्रमुख येक्सू ली ने कहा, विक्रेता चैरिटी शॉप के समय मौजूद था। उन्हें वास के महत्व के बारे में जानकारी नहीं थी, उन्हें इसका डिजाइन पसंद था। बिक्री से मिली रकम का इस्तेमाल वह अपनी तीन साल की बेटी के भविष्य पर खर्च करेगा।

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